Anmol Sandesh News Desk, विशाखापट्टनम/भुवनेश्वर
Cyclone Arnab Update 2026: बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने पूर्वी तटीय इलाकों में मौसम का मिजाज बिगाड़ दिया है। आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद तूफान के प्रभाव से कई इलाकों में तेज हवाओं, मूसलाधार बारिश और जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। विशाखापट्टनम समेत कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। पेड़ उखड़ने, सड़कों पर पानी भरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें सामने आई हैं। खराब मौसम को देखते हुए रेलवे और विमान सेवाओं पर भी असर पड़ा है, जबकि कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद किए गए हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात का असर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के अलावा तेलंगाना, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश तक देखने को मिल सकता है। इन राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
विशाखापट्टनम में 18 घंटे में 200 मिमी से ज्यादा बारिश
चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में रिकॉर्ड स्तर की बारिश दर्ज की गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 27 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे से 28 अक्टूबर की सुबह 3 बजे तक करीब 18 घंटे में 200 मिमी से अधिक बारिश हुई। यह आंकड़ा जुलाई में होने वाली औसत बारिश 133 मिमी से डेढ़ गुना से भी ज्यादा है।
अनाकापल्ली जिले के कासिमकोटा मंडल के कन्नुरीपालेम में पिछले 24 घंटों के दौरान करीब 263 मिमी बारिश दर्ज की गई। विजयनगरम जिले के भोगापुरम और विशाखापट्टनम के एक पुलिस बटालियन परिसर में भी लगभग 263 मिमी और 260 मिमी बारिश दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
भारी बारिश के कारण विशाखापट्टनम में रेलवे ट्रैक के नीचे बने सबवे में पानी भर गया। कई सड़कों पर जलभराव के चलते यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
135 किमी प्रति घंटे तक हवाएं, पेड़ उखड़े और सड़कें बंद
चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान में हवाओं की रफ्तार 120 से 135 किमी प्रति घंटे तक रहने और कुछ परिस्थितियों में झोंकों के 145 से 150 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई थी।
काकीनाडा सहित कई इलाकों में पेड़ गिरने से सड़कें बाधित हुईं। कुछ स्थानों पर निजी वाहन और बसें भी रास्ते में फंस गईं। विशाखापट्टनम में गिरे पेड़ों और मलबे को हटाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें तैनात की गई हैं। एक टीम ने बताया कि प्रभावित घरों से लोगों को पहले ही सुरक्षित निकाल लिया गया था और राहत कार्य के दौरान किसी के हताहत होने की सूचना नहीं थी।
ओडिशा में रेड अलर्ट, हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया
चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए ओडिशा सरकार ने दक्षिणी जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव दल तैनात किए गए हैं।
मौसम विभाग ने गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट, मलकानगिरी और नबरंगपुर जैसे जिलों के लिए रेड वॉर्निंग जारी किए जाने की जानकारी दी है। इन क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है। कुछ जिलों में हवा की गति 60 से 70 किमी प्रति घंटे तक रहने और तेज झोंकों के 80 से 85 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
ओडिशा के कई जिलों में स्कूल बंद किए गए हैं। पर्यटक नाव सेवाओं पर रोक लगाई गई है और मछुआरों को 29 अक्टूबर तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। समुद्र में ऊंची लहरों और खराब मौसम के मद्देनजर तटीय इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
50 से ज्यादा ट्रेनें और कई उड़ानें प्रभावित
चक्रवात के चलते रेल और हवाई यातायात पर भी असर पड़ा है। शुरुआती जानकारी में करीब 50 ट्रेनें रद्द होने की बात कही गई, जबकि एक अन्य अपडेट में साउथ कोस्टल रेलवे की 60 ट्रेनों और दक्षिण मध्य रेलवे की 11 प्रमुख ट्रेनों को रद्द किए जाने का उल्लेख है। अलग-अलग अपडेट में बताए गए आंकड़ों की अंतिम स्थिति की पुष्टि जरूरी है।
विजयवाड़ा और विशाखापट्टनम से जुड़ी कई उड़ानें भी रद्द की गई हैं। एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और आकासा एयर ने खराब मौसम के कारण कुछ सेवाएं निरस्त की हैं। यात्रियों को सलाह है कि एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति संबंधित एयरलाइन से जरूर जांच लें।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में भी बारिश का अलर्ट
चक्रवात का प्रभाव पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में पहुंचने की आशंका है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार:
- मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
- छत्तीसगढ़: 28 और 29 अक्टूबर को कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी है।
- उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 और 30 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
- बिहार और झारखंड: 28 से 30 अक्टूबर के बीच कई इलाकों में बारिश की संभावना है। बिहार में 29 और 30 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।
- तेलंगाना और महाराष्ट्र: तेलंगाना में 28-29 अक्टूबर को भारी बारिश और पूर्वी महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में बारिश की संभावना जताई गई है।
- दिल्ली-NCR और हरियाणा: 29-30 अक्टूबर को चक्रवात के बाहरी प्रभाव और पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश तथा आंधी-तूफान की आशंका व्यक्त की गई है।
NDRF की 31 टीमें तैनात, प्रशासन अलर्ट
चक्रवात से संभावित नुकसान को कम करने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की 31 टीमों को आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और यनम में तैनात किए जाने की जानकारी दी गई है। इन टीमों को बचाव कार्य, मलबा हटाने और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए तैयार रखा गया है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की और समय पर चेतावनी जारी करने तथा नुकसान कम करने के निर्देश दिए। तटीय इलाकों में स्कूलों और समुद्र तटों को बंद करने जैसे एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
प्रशासन और मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें। भारी बारिश के दौरान जलभराव वाली सड़कों, अंडरपास और उफनते नालों से गुजरने से बचें। तेज हवाओं के समय पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर इमारतों से दूरी बनाए रखें। तटीय इलाकों में रहने वाले लोग स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें।
