Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
Jio Platforms IPO Listing: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के लिए जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग का दिन बेहद खास रहा। इस मौके पर उनके बेटे अनंत अंबानी ने जियो की सफलता, रिलायंस की विरासत और देश की जनता के योगदान को याद किया। अनंत की भावुक स्पीच सुनकर मुकेश अंबानी भी भावुक हो गए। परिवार की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में जियो की यात्रा और भारत के डिजिटल बदलाव में उसकी भूमिका को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग को कंपनी और रिलायंस समूह के लिए एक महत्वपूर्ण कारोबारी घटनाक्रम के रूप में पेश किया गया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का शेयर ₹1,119 के इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹1,358 पर लिस्ट हुआ, यानी निवेशकों को करीब 21.4 प्रतिशत का लिस्टिंग गेन मिला। इसके साथ ही कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग ₹12.50 लाख करोड़ बताया गया।
अनंत अंबानी की स्पीच ने छुआ दिल, बोले- देश की जनता ने बनाया जियो
जियो की लिस्टिंग के अवसर पर अनंत अंबानी ने कंपनी की सफलता का श्रेय भारत के लोगों के विश्वास और आशीर्वाद को दिया। उन्होंने पारिवारिक यादों और आम बोलचाल के शब्दों के जरिए जियो नाम को एक भावनात्मक अंदाज में पेश किया।
अनंत ने कहा, “मां ने कहा ‘जियो मेरे लाल‘, दादी ने कहा ‘जुग जुग जियो‘ और दोस्तों ने कहा ‘जियो यार‘।”
उन्होंने यह संदेश दिया कि जियो की असली ताकत देश की जनता है। भारत के लोगों ने कंपनी को अपनाया और उसके विकास में अहम भूमिका निभाई। अनंत के मुताबिक, देश के लोगों के सपनों को पूरा करना ही उनका वास्तविक सपना है।
उनकी इस बात ने कार्यक्रम को भावुक बना दिया। मुकेश अंबानी के लिए यह पल इसलिए भी खास रहा, क्योंकि जियो की शुरुआत से लेकर उसके विस्तार तक रिलायंस समूह ने भारत में डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने पर जोर दिया है।
₹1,119 के इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹1,358 पर लिस्ट हुआ शेयर
जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर की लिस्टिंग को लेकर निवेशकों में काफी उत्सुकता रही। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी का शेयर ₹1,119 के इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹1,358 पर लिस्ट हुआ।
इस तरह शेयर ने इश्यू प्राइस से लगभग 21.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ बाजार में शुरुआत की। किसी कंपनी की मजबूत लिस्टिंग निवेशकों के उत्साह को दर्शा सकती है, लेकिन इससे भविष्य में शेयर की कीमत लगातार बढ़ने की गारंटी नहीं मिलती।
कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग ₹12.50 लाख करोड़ बताया गया। इसी आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स को देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी के रूप में पेश किया गया। तुलना के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण करीब ₹16 लाख करोड़ और भारती एयरटेल का करीब ₹12.20 लाख करोड़ बताया गया है।
IPO को निवेशकों से मिला शानदार रिस्पॉन्स
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 21 से 23 अक्टूबर तक चले जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को कुल 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। अलग-अलग श्रेणियों में निवेशकों की भागीदारी इस प्रकार बताई गई है:
- QIB यानी संस्थागत निवेशक:55 गुना
- NII यानी गैर-संस्थागत निवेशक:00 गुना
- रिटेल निवेशक:72 गुना
- कुल सब्सक्रिप्शन:19 गुना
संस्थागत निवेशकों की ओर से मजबूत मांग इस आईपीओ की प्रमुख विशेषताओं में शामिल रही। हालांकि, सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा अपने आप में भविष्य के मुनाफे या शेयर के प्रदर्शन की गारंटी नहीं है।
₹100 अरब डॉलर से अधिक वैल्यूएशन वाले वैश्विक क्लब में जियो
जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन को लेकर वैश्विक स्तर पर भी चर्चा होने का दावा किया गया है। दी गई जानकारी के अनुसार, आईपीओ के समय कंपनी का बाजार मूल्यांकन 100 अरब डॉलर से अधिक था और इसे उन चुनिंदा कंपनियों में गिना गया, जिनके संस्थापक नेतृत्व में बने हुए हैं।
इस संदर्भ में मेटा, अलीबाबा और एलन मस्क की स्पेसएक्स जैसी कंपनियों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन कंपनियों की संरचना, स्वामित्व और संस्थापक की वर्तमान भूमिका अलग-अलग है। इसलिए इस तरह की तुलना के लिए संबंधित तारीख और मूल्यांकन के आधार की पुष्टि जरूरी है।
रिलायंस समूह ने टाटा समूह को पीछे छोड़ा?
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के साथ रिलायंस समूह और टाटा समूह के कुल बाजार मूल्यांकन को लेकर भी चर्चा हुई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रिलायंस समूह की सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण करीब ₹28.9 लाख करोड़ बताया गया है, जबकि टाटा समूह का यह आंकड़ा लगभग ₹25.6 लाख करोड़ बताया गया।
इस हिसाब से दोनों समूहों के बीच करीब ₹3.3 लाख करोड़ का अंतर बनता है। वहीं, अडाणी समूह का संयुक्त बाजार पूंजीकरण लगभग ₹16.6 लाख करोड़ बताया गया है।
यह तुलना समूहों की सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार मूल्यांकन पर आधारित है। इसे समूह की कुल संपत्ति, राजस्व या मुनाफे के बराबर नहीं माना जाना चाहिए। सटीक रैंकिंग के लिए सभी कंपनियों के बाजार पूंजीकरण की एक ही तारीख के आंकड़ों का इस्तेमाल करना आवश्यक है।
निवेशक शेयर बेचें या होल्ड करें?
लिस्टिंग के बाद निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि मुनाफा वसूला जाए या शेयर को लंबे समय तक अपने पास रखा जाए। इस फैसले में निवेशक का लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता, शेयर का मूल्यांकन और कंपनी की भविष्य की कमाई की संभावनाएं महत्वपूर्ण होती हैं।
- लिस्टिंग गेन वाले निवेशक: अपने लक्ष्य और जोखिम के अनुसार आंशिक या पूरा मुनाफा वसूलने पर विचार कर सकते हैं।
- लंबी अवधि के निवेशक: कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, कारोबार की वृद्धि, प्रतिस्पर्धा और मूल्यांकन का आकलन करके फैसला लें।
- नए निवेशक: केवल शेयर की मजबूत लिस्टिंग देखकर जल्दबाजी में निवेश न करें। कीमत में उतार-चढ़ाव और संभावित नुकसान को ध्यान में रखें।
कुछ बाजार अनुमानों में शेयर के ₹1,500 से ₹1,800 तक पहुंचने की संभावना जताए जाने की बात कही गई है। हालांकि, ऐसे लक्ष्य अनुमान होते हैं, निश्चित भविष्यवाणी नहीं। निवेश से पहले ताजा बाजार आंकड़ों और प्रमाणित विश्लेषण की जांच जरूरी है।
जियो की लिस्टिंग क्यों है महत्वपूर्ण?
जियो ने भारत में मोबाइल इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं के विस्तार में बड़ी भूमिका निभाई है। कंपनी की शेयर बाजार में लिस्टिंग से निवेशकों को उसके कारोबार के मूल्यांकन और भविष्य की संभावनाओं को समझने का नया अवसर मिल सकता है।
मुकेश अंबानी और अनंत अंबानी के लिए यह कार्यक्रम केवल कारोबारी उपलब्धि का अवसर नहीं, बल्कि कंपनी की यात्रा, पारिवारिक विरासत और देश के डिजिटल भविष्य को लेकर अपने दृष्टिकोण को सामने रखने का मंच भी रहा।
