Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
Cyclone Arnab Weather Update: बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर देश के कई राज्यों में देखने को मिल रहा है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित है। कई जगहों पर पेड़ उखड़ने, बिजली के तार टूटने और रिहायशी इलाकों में पानी घुसने की खबरें सामने आई हैं। इस बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी दी है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात का असर आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में दिखाई दे सकता है। वहीं, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली-NCR और आसपास के क्षेत्रों में भी आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
6 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में तेज हवाओं की चेतावनी
चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव को देखते हुए आंध्र प्रदेश, यनम, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी दी गई है। वहीं, झारखंड, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट का उल्लेख है। अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता और हवा की रफ्तार अलग-अलग रह सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार वाली हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। तेलंगाना में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि झारखंड और आसपास के इलाकों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ तेज आंधी चलने का अनुमान है। यहां हवा की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज झोंके 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकते हैं।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में तूफान का कहर, घरों में घुसा समुद्र का पानी
चक्रवात ‘अर्नब’ का सबसे अधिक प्रभाव आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में देखने को मिल रहा है। आंध्र प्रदेश के कई जिलों में बुधवार सुबह से ही तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है। कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए हैं और बिजली के तार टूटने से आपूर्ति प्रभावित हुई है।
काकीनाडा के तटीय इलाकों में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, समुद्र का पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया और कई घरों में पानी घुस गया है। इससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खराब मौसम के कारण सड़कों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है।
ओडिशा में भी चक्रवात के प्रभाव से तेज हवाएं और भारी बारिश हो रही है। संवेदनशील तटीय इलाकों में प्रशासन सतर्क है और लोगों की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
28 अक्टूबर से 2 नवंबर तक कई राज्यों में बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
- पश्चिम बंगाल, सिक्किम और झारखंड: 28 से 31 अक्टूबर के दौरान कई इलाकों में बारिश की संभावना है।
- बिहार: 29 से 31 अक्टूबर के बीच व्यापक बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: 28 अक्टूबर से 2 नवंबर के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में बारिश हो सकती है।
- विदर्भ: 30 अक्टूबर को कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई गई है।
- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: 28 से 30 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
- हिमाचल प्रदेश: 29 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच कहीं-कहीं बारिश का अनुमान है।
- उत्तराखंड: 28 अक्टूबर से 2 नवंबर तक कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।
- पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: अलग-अलग दिनों में हल्की बारिश की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में 29 और 30 अक्टूबर को ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान: 29 और 30 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
- केरल और माहे: 28 अक्टूबर को बारिश होने की संभावना है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मौसम बदलेगा
चक्रवात के प्रभाव से मध्य भारत के मौसम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश की संभावना है, जबकि छत्तीसगढ़ के कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। लगातार बारिश होने की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी रह सकती है।
विशेष रूप से खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करना चाहिए। किसानों को भी स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार कृषि गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।
यूपी-बिहार से राजस्थान तक रहें सतर्क
चक्रवात ‘अर्नब’ का प्रभाव केवल तटीय राज्यों तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और दिल्ली-NCR के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है। हालांकि, इन राज्यों में बारिश की तीव्रता और समय क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
लोगों को सलाह दी जाती है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। तेज हवाओं के समय बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखें। जलभराव वाली सड़कों और अंडरपास से गुजरने में सावधानी बरतें तथा यात्रा से पहले मौसम और यातायात की स्थिति की जानकारी लें।
