Anmol Sandesh News Desk | भोपाल, मध्य प्रदेश
Twisha Sharma Death Case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले की सुनवाई भोपाल से बाहर स्थानांतरित करने की मांग का समर्थन किया है। एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने जवाबी हलफनामे में आशंका जताई है कि आरोपी प्रभावशाली होने के कारण भोपाल में मुकदमे की कार्यवाही और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।
CBI का यह रुख ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मामले का ट्रायल भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की थी।
इस मामले में ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह आरोपी हैं। गिरिबाला सिंह भोपाल की पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश रह चुकी हैं, जबकि समर्थ सिंह भोपाल में वकालत करते हैं।
हालांकि, अभी सुप्रीम कोर्ट ने मुकदमे को दिल्ली स्थानांतरित करने का अंतिम आदेश नहीं दिया है। मामले में अगली सुनवाई करीब एक सप्ताह बाद होने की संभावना है।
CBI ने सुप्रीम कोर्ट में क्यों किया ट्रायल ट्रांसफर का समर्थन?
CBI ने 29 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में जवाबी हलफनामा दाखिल किया। इसमें एजेंसी ने कहा कि आरोपी गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह भोपाल में प्रभावशाली हैं। ऐसे में मुकदमे की कार्यवाही प्रभावित होने और गवाहों को डराने-धमकाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
एजेंसी ने अपने हलफनामे में गिरिबाला सिंह की पूर्व न्यायिक पद पर रही भूमिका का भी उल्लेख किया है।
CBI के अनुसार, मामले की गंभीरता इस बात से भी सामने आती है कि ट्विशा की मौत के बाद घटनास्थल को प्रभावित करने और सबूतों से छेड़छाड़ किए जाने के आरोप सामने आए हैं।
एजेंसी ने अदालत से कहा है कि न्याय के हित में उचित आदेश पारित किया जाए।
CBI ने CCTV फुटेज और ब्यूटी पार्लर का भी किया जिक्र
CBI ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में जांच के दौरान सामने आए कुछ घटनाक्रमों का भी उल्लेख किया है।
एजेंसी के मुताबिक:
- गिरिबाला सिंह ने घटना से संबंधित CCTV फुटेज की कॉपी हासिल करने के लिए एक तकनीशियन को बुलाया था।
- 13 मई 2026 को उन्होंने उस ब्यूटी पार्लर की संचालिका से संपर्क किया था, जहां ट्विशा 12 मई को गई थीं।
- इसके बाद कुछ लोगों के माध्यम से ब्यूटी पार्लर की CCTV फुटेज मंगवाने की बात भी हलफनामे में कही गई है।
- CBI ने इन घटनाओं को जांच में कथित हस्तक्षेप और मुकदमे को प्रभावित करने की आशंका के संदर्भ में पेश किया है।
एजेंसी का कहना है कि इन परिस्थितियों को देखते हुए भोपाल में निष्पक्ष सुनवाई को लेकर चिंता है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि ये CBI के हलफनामे में लगाए गए आरोप और आशंकाएं हैं। इन पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष आना बाकी है।
ट्विशा के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में क्यों लगाई याचिका?
ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए मुकदमे को भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की थी।
उनका तर्क था कि मामले की एक प्रमुख आरोपी गिरिबाला सिंह पूर्व जिला न्यायाधीश रह चुकी हैं और उनके बेटे समर्थ सिंह भोपाल में वकालत करते हैं। ऐसे में उन्हें आशंका है कि स्थानीय स्तर पर मुकदमे की सुनवाई प्रभावित हो सकती है।
पिता ने दिल्ली में सुनवाई को प्राथमिकता देते हुए कहा कि मामले में निष्पक्ष और स्वतंत्र न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित होनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने 16 अक्टूबर को इस याचिका पर CBI और दोनों आरोपियों को नोटिस जारी किया था। साथ ही भोपाल की सत्र अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
अब CBI के जवाब के बाद मामले में दिल्ली ट्रांसफर की मांग को लेकर सुनवाई महत्वपूर्ण हो गई है।
सुप्रीम कोर्ट में CJI सूर्यकांत की बेंच कर रही सुनवाई
ट्विशा शर्मा मामले की ट्रांसफर याचिका सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष आई थी।
CBI ने 29 अक्टूबर को अपना जवाब दाखिल किया। इसके बाद 30 अक्टूबर को मामले की सुनवाई के दौरान अगली सुनवाई के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया।
अब अदालत के सामने यह महत्वपूर्ण सवाल है कि क्या मामले का ट्रायल भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित किया जाना चाहिए या नहीं।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले का इंतजार है।
17 अगस्त को CBI ने दाखिल की थी चार्जशीट, जानिए कौन-कौन सी धाराएं लगीं
ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में CBI ने 17 अगस्त 2026 को आरोपी पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
चार्जशीट में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्न धाराएं शामिल की गई थीं:
- धारा 85: पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा महिला के साथ क्रूरता।
- धारा 108: आत्महत्या के लिए उकसाना।
- धारा 3(5): समान आशय से कई व्यक्तियों द्वारा किया गया आपराधिक कृत्य।
हालांकि, शुरुआती FIR में शामिल दहेज से जुड़े आरोपों को चार्जशीट में शामिल नहीं किया गया था।
CBI ने अपने जवाबी हलफनामे में स्पष्ट किया है कि दहेज मृत्यु और मामले के अन्य पहलुओं को लेकर आगे की जांच जारी है।
इसलिए दहेज से जुड़े सभी पहलुओं की जांच पूरी होने की बात अभी नहीं कही जा सकती।
क्या है पूरा ट्विशा शर्मा मौत मामला?
ट्विशा शर्मा की मौत 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित उनके ससुराल में हुई थी। वह 33 वर्ष की थीं और पूर्व मॉडल एवं कॉर्पोरेट प्रोफेशनल के रूप में उनकी पहचान थी।
उनकी शादी दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से हुई थी। शादी के करीब छह महीने बाद उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
घटना के बाद उनके परिवार ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे।
मामले में FIR दर्ज होने के बाद जांच की जिम्मेदारी CBI को सौंपी गई। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में संज्ञान लिया था।
इसके बाद मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर लगातार महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आते रहे हैं।
अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी नजरें
ट्विशा शर्मा मामले में अब अगली सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के सामने मुख्य रूप से यह सवाल है कि निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए मुकदमे को भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित किया जाए या नहीं।
फिलहाल तीन महत्वपूर्ण बातें सामने हैं:
- CBI ने ट्रायल को भोपाल से बाहर स्थानांतरित करने की मांग का समर्थन किया है।
- ट्विशा के पिता ने दिल्ली में मुकदमे की सुनवाई की मांग की है।
- सुप्रीम कोर्ट पहले ही भोपाल की सत्र अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा चुका है।
अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर है। अदालत का फैसला तय करेगा कि ट्विशा शर्मा मामले की आगे की सुनवाई भोपाल में होगी या दिल्ली में।
