Anmol Sandesh News Desk,इंदौर
इंदौर के एमवाय अस्पताल (MYH) और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के बीच भीषण गर्मी में बीमार बच्चे को स्ट्रेचर पर लिटाकर उसके माता-पिता द्वारा पैदल ले जाने का वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में लापरवाही पाए जाने पर दो कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं, जबकि डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।अस्पताल के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने जांच के बाद सिक्योरिटी इंचार्ज और हेल्प डेस्क इंचार्ज की सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए। इसके अलावा डॉ. अनुराग श्रीवास्तव का सात दिन का वेतन काटने तथा ड्यूटी में लापरवाही मिलने पर तीन नर्सों का एक-एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की गई है।
आउटसोर्स कंपनी पर 1 लाख का जुर्माना
मामले में अस्पताल प्रबंधन ने आउटसोर्स एजेंसी BVG कंपनी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा भी शासन को भेजी गई है।अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव और न्यूरो सर्जन डॉ. परेश सोंधिया को भी नोटिस जारी किया गया है। प्रबंधन ने शासन को भेजे पत्र में दोनों अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारियों के उचित निर्वहन नहीं होने की बात कही है।
वायरल वीडियो ने उठाए थे स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल
6 जून को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें भीषण गर्मी के बीच एक बीमार बच्चे को उसके माता-पिता स्ट्रेचर पर लिटाकर अस्पताल परिसर में खुद धक्का देते हुए दिखाई दिए थे। वीडियो सामने आने के बाद सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर सवाल खड़े हो गए थे।
दुर्लभ बीमारी से जूझ रहा है 11 वर्षीय आदर्श
जांच के दौरान सामने आया कि वीडियो में दिखाई देने वाला 11 वर्षीय आदर्श मलक एक गंभीर और दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है। आदर्श पिछले कई दिनों से एमवाय अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज चल रहा है।परिजनों के अनुसार, बच्चे को चलने-फिरने में कठिनाई होती है। पहले उसे चेस्ट वार्ड में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद 20 मई से एमवाय अस्पताल में उसका उपचार जारी है।

एम्बुलेंस नहीं मिली तो खुद धकेला स्ट्रेचर
आदर्श के माता-पिता ने बताया कि डॉक्टरों ने बच्चे की रीढ़ से संबंधित बेल्ट के लिए उसे सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भेजने की सलाह दी थी। अस्पताल स्टाफ और एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण वे मजबूरी में खुद ही स्ट्रेचर धकेलकर लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित अस्पताल पहुंचे।वहां औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें दोबारा एमवाय अस्पताल लौटने के लिए कहा गया। इसके बाद दंपती ने बच्चे को फिर उसी भीषण गर्मी में स्ट्रेचर पर ले जाकर अस्पताल पहुंचाया।
गर्मी सहन नहीं कर पाता बच्चा
परिजनों ने बताया कि आदर्श को सामान्य बच्चों की तुलना में अत्यधिक गर्मी महसूस होती है। उसके शरीर में पसीना बहुत कम आता है, जिसके कारण वह गर्म मौसम को सहन नहीं कर पाता। रास्ते भर उसकी मां दुपट्टे को पानी में भिगोकर बच्चे के शरीर पर रखती रही ताकि उसे कुछ राहत मिल सके।

मेडिकल रिकॉर्ड में गंभीर बीमारियों का जिक्र
मेडिकल दस्तावेजों के अनुसार आदर्श हाइपोहाइड्रोटिक एक्टोडर्मल डिस्प्लेसिया नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है। इस बीमारी में शरीर की पसीना बनाने वाली ग्रंथियां सामान्य रूप से विकसित नहीं होतीं, जिससे मरीज को पसीना नहीं आता और गर्मी सहन करना मुश्किल हो जाता है।इसके अलावा बच्चे के मेडिकल रिकॉर्ड में डिमायलिनेटिंग डिजीज का भी उल्लेख है, जो नसों की सुरक्षात्मक परत को प्रभावित करने वाली गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या है। 20 मई की जांच रिपोर्ट में गुलियन-बैरे सिंड्रोम (GBS) की संभावना भी जताई गई थी।
अस्पताल प्रबंधन का पक्ष
अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि बच्चा पहले चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में भर्ती था और वर्तमान में एमवाय अस्पताल में उपचाराधीन है। उन्होंने कहा कि बच्चे को स्पाइन से संबंधित बीमारी है और उसका इलाज विशेषज्ञों की निगरानी में जारी है।
