Anmol Sandesh News Desk,भोपाल
मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं और कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए 23 साल पुराने ‘टू चाइल्ड पॉलिसी’ नियम को समाप्त करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सामान्य प्रशासन विभाग को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।सरकार के इस फैसले के बाद अब दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी, विभागीय नियुक्ति और पदोन्नति के मामलों में अयोग्य नहीं माना जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दिए नियम हटाने के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिविल सेवा नियमों में शामिल उस प्रावधान को हटाने के निर्देश दिए हैं, जिसके तहत दो से अधिक जीवित बच्चों वाले अभ्यर्थियों को सरकारी सेवा के लिए अयोग्य घोषित किया जाता था।सरकार ने स्पष्ट किया है कि संबंधित प्रावधान को तत्काल प्रभाव से सरकारी पोर्टल से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
2001 में लागू किया गया था नियम
गौरतलब है कि वर्ष 2001 में तत्कालीन राज्य सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से यह नियम लागू किया था। नियम के अनुसार 26 जनवरी 2001 या उसके बाद दो से अधिक जीवित बच्चों वाले व्यक्ति को सरकारी नौकरी के लिए पात्र नहीं माना जाता था।यह प्रावधान भर्ती, विभागीय नियुक्तियों और पदोन्नति सभी पर लागू था।
तीसरा बच्चा होने पर होती थी विभागीय कार्रवाई
मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत दो से अधिक बच्चों को अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा गया था। यदि किसी कर्मचारी के निर्धारित कट-ऑफ तिथि के बाद तीसरा बच्चा होता था, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई तक की जा सकती थी।इसी कारण कई कर्मचारियों और अभ्यर्थियों को वर्षों से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
कर्मचारी संगठनों की थी पुरानी मांग
कर्मचारी संगठन लंबे समय से इस नियम की समीक्षा और समाप्ति की मांग कर रहे थे। उनका तर्क था कि बदलते सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों में यह प्रावधान अप्रासंगिक हो चुका है।सरकार ने भी समीक्षा के बाद माना कि नियम में संशोधन की आवश्यकता है।
नए नियमों का तैयार होगा मसौदा
प्रदेश सरकार ने बताया है कि संशोधित नियमों का मसौदा तैयार कर सार्वजनिक सुझावों के लिए जारी किया जाएगा। अंतिम अधिसूचना जारी होने तक दो बच्चों की अनिवार्यता से संबंधित प्रावधान प्रभावी नहीं रहेगा।सरकार का मानना है कि इस निर्णय से हजारों युवाओं और कर्मचारियों को राहत मिलेगी तथा सरकारी सेवाओं में अवसरों का दायरा और व्यापक होगा।
