Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। चुनाव आयोग के फैसले के विरोध में कांग्रेस ने भोपाल से लेकर दिल्ली तक आंदोलन शुरू कर दिया है। भोपाल में कांग्रेस के विधायक, वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता चुनाव आयोग के खिलाफ उपवास पर बैठे हैं।कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन नियमों के विपरीत रद्द किया गया है और इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी समेत कई नेता प्रदर्शन में शामिल
भोपाल जिला कांग्रेस कार्यालय के बाहर आयोजित उपवास कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, कमलेश्वर पटेल, विधायक आरिफ मसूद, आतिफ अकील, सांसद अशोक सिंह और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।प्रदर्शन के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा क्विक रिएक्शन फोर्स (QRF) के जवानों को भी सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगाया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर भी हुआ था प्रदर्शन
इससे पहले कांग्रेस नेताओं ने भोपाल स्थित निर्वाचन आयोग कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया था। विरोध के दौरान नेताओं ने भजन-कीर्तन कर चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया था।कांग्रेस का आरोप है कि सत्ता पक्ष और चुनावी अधिकारियों की मिलीभगत से उनके उम्मीदवार का नामांकन रद्द किया गया है।
नामांकन रद्द करने पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं है और केवल एक नोटिस के आधार पर उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया।पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि मामूली तकनीकी त्रुटियों या गैर-गंभीर मामलों में किसी उम्मीदवार का नामांकन रद्द नहीं किया जाना चाहिए।कांग्रेस ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा की जाए और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। पार्टी नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी शिकायतों पर उचित सुनवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़े इस विवाद ने मध्य प्रदेश की राजनीति में नया सियासी माहौल बना दिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक गर्मा सकता है।
