Anmol Sandesh News Desk,भोपाल
मध्य प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन से पहले खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और नकली उर्वरकों की बिक्री पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री किसान हेल्पलाइन के तहत शुरू की गई “इन्फॉर्मेशन इंसेंटिव स्कीम” के अंतर्गत अब ऐसी गड़बड़ियों की सूचना देने वाले लोगों को 1000 रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा।मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने 30 अप्रैल 2026 को सीएम किसान हेल्पलाइन नंबर 155253 लॉन्च किया था। इसी हेल्पलाइन के माध्यम से किसान और आम नागरिक खाद की कालाबाजारी, अवैध स्टॉकिंग और नकली खाद की शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

शिकायत रहेगी पूरी तरह गोपनीय
सरकार के अनुसार शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है और संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कार्रवाई होती है, तो शिकायतकर्ता को प्रोत्साहन राशि के रूप में 1000 रुपये सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे।यह राशि संबंधित जिले के कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी की जाएगी।
सुबह 10 से शाम 6 बजे तक दर्ज होगी शिकायत
खाद की कालाबाजारी और नकली उत्पादों से जुड़ी शिकायतें किसान हेल्पलाइन नंबर 155253 पर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक दर्ज कराई जा सकती हैं।

खरीफ सीजन से पहले सरकार अलर्ट
प्रदेश में खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। कई किसान खेतों की तैयारी में जुटे हैं, जबकि वर्षा आधारित खेती करने वाले किसान मानसून का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में उर्वरकों की मांग बढ़ने लगी है और सरकार किसी भी तरह की कालाबाजारी रोकने के लिए सतर्क हो गई है।
फर्टिलाइजर सप्लाई के लिए नियुक्त होंगे नोडल अधिकारी
हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही उर्वरक वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

किसानों को मिलेगा विशेषज्ञों का परामर्श
सीएम किसान हेल्पलाइन सप्ताह के सातों दिन संचालित की जा रही है। किसान खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी और सलाह के लिए 155253 पर संपर्क कर सकते हैं। सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक कृषि विशेषज्ञों और अधिकारियों से परामर्श की सुविधा उपलब्ध रहेगी। जटिल समस्याओं के समाधान के लिए वैज्ञानिकों से भी अपॉइंटमेंट दिलाया जाएगा।सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल खाद की कालाबाजारी पर रोक लगेगी, बल्कि किसानों को समय पर और उचित दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
