Anmol Sandesh News Desk,कोलकाता
पश्चिम बंगाल की सियासत में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई सांसदों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष Om Birla को पत्र लिखकर संसद में अलग फ्रैक्शन (गुट) को मान्यता देने की मांग किए जाने की चर्चा तेज हो गई है। सामने आए पत्र में सांसदों ने संसद के भीतर अलग पहचान और स्वतंत्र बैठने की व्यवस्था की मांग की है।
सूत्रों के मुताबिक, सांसदों का कहना है कि पार्टी के भीतर उनकी आवाज को पर्याप्त महत्व नहीं मिल रहा था। इसी वजह से उन्होंने लोकसभा में अलग गुट के रूप में काम करने की इच्छा जताई है। यह पत्र कथित तौर पर सांसद Kakoli Ghosh Dastidar की अगुवाई में भेजा गया है।राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को मुख्यमंत्री Mamata Banerjee और TMC नेतृत्व के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि पार्टी की ओर से इस मुद्दे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

पत्र पर इन सांसदों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं
- काकोली घोष दस्तीदार
- शताब्दी रॉय
- बापी हलदर
- डॉ. शर्मिला सरकार
- प्रसून बंद्योपाध्याय
- जगदीश बर्मा बसुनिया
- असित कुमार मल
- अरूप चक्रवर्ती
- रचना बनर्जी
- सायोनी घोष
- खलीलुर्रहमान
- अबू ताहिर खान
- यूसुफ पठान
- मिताली बैग
- माला रॉय
- कालीपद सोरेन
- दीपक अधिकारी
- जून मालिया
- पार्थ भौमिक
अब नजर स्पीकर के फैसले पर
लोकसभा अध्यक्ष Om Birla इस पत्र और उससे जुड़े संसदीय प्रावधानों की समीक्षा कर सकते हैं। यदि मांग पर विचार किया जाता है तो आने वाले दिनों में संसद और पश्चिम बंगाल की राजनीति में इसके दूरगामी प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि लोकसभा अध्यक्ष इस मांग पर क्या फैसला लेते हैं और TMC नेतृत्व इस पूरे घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाता है।
