Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
केंद्र की मोदी सरकार में जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। गुरुवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक से पहले राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi अपनी टीम में कुछ बदलाव कर सकते हैं।इन अटकलों को उस समय और बल मिला जब प्रधानमंत्री मोदी ने एक दिन पहले राष्ट्रपति Droupadi Murmu से मुलाकात की। वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री George Kurian के इस्तीफे के बाद राजनीतिक चर्चाओं का बाजार और गर्म हो गया है।

दो मंत्रियों का कार्यकाल समाप्त, एक ने दिया इस्तीफा
मोदी मंत्रिमंडल में शामिल दो नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। इनमें जॉर्ज कुरियन ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, जबकि Ravneet Singh Bittu के इस्तीफे को लेकर अभी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने दोनों नेताओं को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया। इसके बाद से ही यह माना जा रहा है कि केंद्र सरकार में कुछ नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है।
NDA के विस्तार का असर मंत्रिमंडल पर?
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में एनडीए का कुनबा बढ़ा है। विभिन्न दलों के कई सांसद सत्तारूढ़ गठबंधन के करीब आए हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि संगठनात्मक और राजनीतिक संतुलन साधने के लिए नए सहयोगियों को सरकार में प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है।चर्चा है कि आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों से आए कुछ नेताओं को संगठन या सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका दी जा सकती है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पंजाब और यूपी चुनावों पर रहेगा फोकस
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल में क्षेत्रीय समीकरणों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। अगले वर्ष पंजाब और उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पार्टी इन राज्यों के नेताओं को प्राथमिकता देकर चुनावी रणनीति को मजबूत करने का प्रयास कर सकती है।विशेष रूप से पंजाब में भाजपा अपने संगठनात्मक आधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जबकि उत्तर प्रदेश में भी आगामी चुनावों को देखते हुए सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधना पार्टी की प्राथमिकता हो सकती है।
संगठन और सरकार दोनों में बदलाव संभव
भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक केवल मंत्रिमंडल ही नहीं, बल्कि संगठन स्तर पर भी कुछ महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पार्टी आने वाले चुनावों और राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए नई रणनीति पर काम कर रही है।ऐसे में कुछ नेताओं को सरकार से संगठन में और संगठन से सरकार में लाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

आधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल केंद्र सरकार या भाजपा की ओर से मंत्रिमंडल विस्तार अथवा फेरबदल को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन दिल्ली में चल रही बैठकों और राजनीतिक गतिविधियों ने इस चर्चा को और तेज कर दिया है।अब सभी की नजरें प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि फेरबदल होता है तो यह आने वाले विधानसभा चुनावों और राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाएगा।
