Anmol Sandesh News Desk,आरा/भोजपुर
भोजपुर जिले के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बुधवार को बिलौटी गांव में विशाल महापंचायत आयोजित की गई। इस महापंचायत में जन सुराज के संस्थापक Prashant Kishor शामिल हुए और भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात कर न्याय दिलाने का भरोसा दिया। महापंचायत में हजारों लोगों की मौजूदगी ने इस मुद्दे को अब एक बड़े जनआंदोलन का रूप दे दिया है।


“बिहार संविधान से चलेगा, किसी सम्राट से नहीं” – प्रशांत किशोर
महापंचायत को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार लोकतंत्र और संविधान से चलता है, किसी व्यक्ति विशेष के आदेश से नहीं।उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि एनकाउंटर की जांच केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि कार्रवाई का आदेश किस स्तर से दिया गया था।प्रशांत किशोर ने कहा—”जांच में यह भी सामने आना चाहिए कि किस अधिकारी ने कार्रवाई का आदेश दिया, किसने इसकी अनुमति दी और पूरी प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भूमिका रही।”
बिलौटी गांव में उमड़ा जनसैलाब
महापंचायत में शामिल होने के लिए भोजपुर सहित आसपास के कई जिलों से लोग पहुंचे। गांव से लेकर हाईवे तक भरत तिवारी के पोस्टर लगाए गए थे, जिनमें उन्हें न्याय दिलाने की मांग की गई।स्थानीय लोगों के अनुसार कार्यक्रम स्थल पर लगभग 5000 से अधिक लोग मौजूद रहे, जबकि सैकड़ों वाहन और समर्थकों का काफिला लगातार गांव पहुंचता रहा। कई लोग तिरंगा लेकर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।

श्राद्धकर्म के बाद विधानसभा घेराव की चेतावनी
महापंचायत में मौजूद लोगों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो भरत तिवारी के श्राद्धकर्म के बाद पटना में विधानसभा का घेराव किया जाएगा।लोगों का कहना है कि यह केवल एक परिवार की लड़ाई नहीं बल्कि न्याय और व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा बन चुका है।
परिवार की प्रमुख मांगें
भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने कहा कि उनके भाई क्षेत्र की जनता की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठा रहे थे। उन्होंने मांग की कि—
- एनकाउंटर में शामिल पुलिस अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
- गांव की मूलभूत समस्याओं का समाधान किया जाए।
- भरत तिवारी द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए।
- पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो।
विभिन्न राज्यों से पहुंचे समर्थक
महापंचायत में बिहार के अलावा अन्य राज्यों से भी सामाजिक कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे।दिल्ली से आए सामाजिक कार्यकर्ता रवीश भारद्वाज ने कहा कि इस मामले में केवल जांच नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने गांव में विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं की मांग भी उठाई।वहीं कई युवाओं ने इसे न्याय और अधिकारों की लड़ाई बताते हुए आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही।


एनकाउंटर के बाद बढ़ी कार्रवाई
भरत भूषण तिवारी का 17 जून को पुलिस एनकाउंटर हुआ था। घटना के बाद परिवार ने मुठभेड़ पर सवाल खड़े करते हुए पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया।
मामले में—
- SDPO,
- SHO
- तथा अन्य पुलिसकर्मियों
के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।बढ़ते विवाद के बीच सरकार ने जगदीशपुर के SDPO राजेश कुमार शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया है।

न्यायिक जांच के आदेश
मुख्यमंत्री द्वारा पूरे मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए जा चुके हैं। हालांकि जांच किस न्यायिक अधिकारी या आयोग को सौंपी जाएगी, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।फिलहाल पूरे बिहार की नजर इस बहुचर्चित मामले की जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। महापंचायत के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि भरत तिवारी एनकाउंटर का मुद्दा आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और प्रशासन दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
