Anmol Sandesh News Desk,विक्टोरिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हिंद महासागर के द्वीपीय देश सेशेल्स पहुंचे। राजधानी विक्टोरिया में सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं ने प्रसिद्ध नेशनल बोटैनिकल गार्डन का दौरा किया और विश्व प्रसिद्ध अल्डाब्रा जाइंट कछुओं को पत्तियां खिलाईं। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।प्रधानमंत्री मोदी 29 जून को सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस यात्रा को भारत और सेशेल्स के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामरिक साझेदारी को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है।
256 साल पुराना है भारत-सेशेल्स का रिश्ता
भारत और सेशेल्स के संबंध सिर्फ कूटनीतिक नहीं बल्कि सदियों पुराने हैं।साल 1770 में जब सेशेल्स में पहली स्थायी बस्ती बसाई गई थी, तब वहां पहुंचे 27 लोगों में 5 भारतीय भी शामिल थे। बाद में बिहार, तमिलनाडु और गुजरात से बड़ी संख्या में भारतीय वहां जाकर बस गए।आज लगभग 1.20 लाख की आबादी वाले सेशेल्स में हर आठवां नागरिक भारतीय मूल का है। भारतीय समुदाय वहां के व्यापार, प्रशासन और सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
पूर्व राष्ट्रपति की जड़ें भी बिहार से जुड़ीं
सेशेल्स के पूर्व राष्ट्रपति वेवेल रामकलावन के पूर्वज बिहार के गोपालगंज जिले से थे। उनके परदादा करीब 138 वर्ष पहले भारत से मॉरीशस और फिर सेशेल्स पहुंचे थे। वर्ष 2018 में रामकलावन अपने पैतृक गांव बिहार भी आए थे।
अल्डाब्रा जाइंट कछुए क्यों हैं खास?
सेशेल्स के अल्डाब्रा जाइंट कछुए दुनिया की सबसे लंबी उम्र तक जीवित रहने वाली प्रजातियों में शामिल हैं।
- इनकी औसत आयु लगभग 150 वर्ष होती है।
- दुनिया का सबसे उम्रदराज जीवित स्थलीय जीव जोनाथन भी इसी प्रजाति का कछुआ है, जिसकी अनुमानित उम्र 194 वर्ष मानी जाती है।
- वैज्ञानिक इसकी लंबी उम्र के रहस्य को समझने के लिए लगातार शोध कर रहे हैं।
भारत-सेशेल्स के 50 साल के राजनयिक संबंध
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वर्ष भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि सेशेल्स भारत का महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और ‘विजन महासागर (MAHASAGAR)’ का प्रमुख साझेदार है। दोनों देशों के संबंध आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और लोगों के गहरे जुड़ाव पर आधारित हैं।उन्होंने विश्वास जताया कि यह दौरा हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, व्यापार, विकास और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देगा।
राष्ट्रीय दिवस समारोह में होंगे मुख्य अतिथि
प्रधानमंत्री मोदी 29 जून को सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। इस दौरान वे कई द्विपक्षीय समझौतों पर चर्चा करेंगे और सेशेल्स की संसद को भी संबोधित करेंगे। साथ ही वहां बसे भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करेंगे।

मोदी से पहले केवल इंदिरा गांधी ने किया था दौरा
भारत की ओर से इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1976 और 1981 में सेशेल्स का दौरा किया था। उनके बाद लंबे अंतराल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश के साथ संबंधों को नई गति दी।मोदी की पिछली यात्रा के दौरान भारत ने सेशेल्स को समुद्री निगरानी के लिए डोर्नियर विमान, कोस्टल सर्विलांस रडार नेटवर्क और कई विकास परियोजनाओं में सहयोग दिया था। इस बार भी रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार और ब्लू इकोनॉमी पर चर्चा प्रमुख एजेंडा रहने की संभावना है।
