Anmol Sandesh News Desk, दिल्ली/भोपाल/जयपुर/लखनऊ/पटना/
देश के कई राज्यों में मानसून ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में बुधवार सुबह दो बार बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। भलेसा के कलालगीसर इलाके में पहाड़ियों से भारी मात्रा में मलबा बहकर सड़कों पर आ गया, जिससे कई मार्ग अवरुद्ध हो गए और जनजीवन प्रभावित हुआ।वहीं अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन का संकट लगातार गहरा रहा है। अधिकारियों के अनुसार अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है। अंजॉ जिले के सारती गांव में भूस्खलन से एक व्यक्ति की जान गई, जबकि कीयी पन्योर क्षेत्र में आई बाढ़ में तीन लोग बह गए। इनमें से दो लोग अब भी लापता हैं। राज्य के 28 जिलों के 90 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं।
MP और बिहार में आकाशीय बिजली का कहर
मध्य प्रदेश के हरदा और खरगोन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई। बैतूल में बिजली गिरने से एक ही परिवार के चार लोग झुलस गए। वहीं चंपा नदी के तेज बहाव में बाइक सहित दो युवक बह गए।बिहार में भी बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई। वहीं उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में पिकनिक मनाने गए तीन लोग बरसाती नाले में बह गए, जिनमें एक व्यक्ति की मौत हो गई।
उत्तराखंड में राफ्टिंग पर रोक
लगातार बारिश के कारण देहरादून में रिस्पना नदी उफान पर है। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने ऋषिकेश में 31 अगस्त तक राफ्टिंग पर प्रतिबंध लगा दिया है।
26 राज्यों तक पहुंचा मानसून, राजस्थान का इंतजार
मौसम विभाग के अनुसार मानसून अब तक 26 राज्यों में पहुंच चुका है। मंगलवार को इसने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में दस्तक दी। अब केवल कुछ हिस्सों, विशेषकर राजस्थान, में मानसून की पूर्ण एंट्री का इंतजार है। IMD का अनुमान है कि अगले 2-3 दिनों में मानसून दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और पूरे जम्मू-कश्मीर तक पहुंच जाएगा।हालांकि मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि जुलाई में देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। जून महीने में देश में सामान्य 165.3 मिमी के मुकाबले केवल 99.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 39.8 प्रतिशत कम रही। यह वर्ष 1901 के बाद जून महीने की पांचवीं सबसे कम वर्षा है।

यूनिसेफ रिपोर्ट: 9 करोड़ बच्चे हीटवेव की चपेट में
यूनिसेफ की ‘चिल्ड्रन्स क्लाइमेट रिस्क रिपोर्ट 2026′ के अनुसार भारत में करीब 8.93 करोड़ बच्चे ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं जहां हीटवेव का खतरा बना रहता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के लगभग 99.7 प्रतिशत बच्चे किसी न किसी जलवायु जोखिम का सामना कर रहे हैं। इनमें 96.2 प्रतिशत बच्चे सूखा प्रभावित क्षेत्रों और 92 प्रतिशत बच्चे अत्यधिक गर्मी वाले इलाकों में रहते हैं।
अगले दो दिनों का मौसम
2 जुलाई
- छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा, केरल, गोवा, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश की संभावना।
- बिहार में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है।
- मध्य प्रदेश, ओडिशा, पूर्वी राजस्थान और तमिलनाडु में तेज हवाओं का अनुमान।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश में हीटवेव जारी रहने की संभावना।
3 जुलाई
- आंध्र प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में भारी बारिश की चेतावनी।
- असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी वर्षा।
- सिक्किम, गोवा, तेलंगाना और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट।
- मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के नागपुर-अमरावती क्षेत्र में लगातार पांचवें दिन हीटवेव का अलर्ट।
राज्यों का मौसम अपडेट
मध्य प्रदेश: बालाघाट और डिंडौरी में अत्यधिक भारी बारिश, जबकि देवास, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा और छिंदवाड़ा में भारी बारिश का अलर्ट जारी।
राजस्थान: 3 जुलाई तक मानसून के प्रवेश की संभावना। कोटा और उदयपुर संभाग में भारी बारिश, जबकि जयपुर, अलवर, सीकर, झुंझुनू, दौसा और भरतपुर में धूलभरी आंधी और बारिश का अनुमान।
उत्तर प्रदेश: 55 जिलों में बारिश का अलर्ट। मानसून आने के बाद कई जिलों में तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरा।
बिहार: पटना सहित 13 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, जबकि 25 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। अगले पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।देशभर में मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

