Thursday, July 2, 2026
Homeअन्य राज्यPoK में पाकिस्तान के खिलाफ बगावत तेज, प्रदर्शनकारियों का ऐलान- 'हम पाकिस्तान...

PoK में पाकिस्तान के खिलाफ बगावत तेज, प्रदर्शनकारियों का ऐलान- ‘हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं’, JAAC प्रमुख शौकत नवाज गिरफ्तार, हिरासत में 600 से ज्यादा कार्यकर्ता !

Anmol Sandesh News Desk, इस्लामाबाद

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होते जा रहे हैं। मंगलवार को रावलकोट के ईदगाह ग्राउंड में हजारों प्रदर्शनकारी जुटे और पाकिस्तान विरोधी नारे लगाते हुए कहा कि “PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है।” प्रदर्शनकारियों ने अपने राजनीतिक अधिकारों, पहचान और स्थानीय समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई।यह आंदोलन जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में चल रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संगठन के प्रमुख शौकत नवाज मीर को उनके दो साथियों के साथ धीरकोट के सांगर फत्तारे क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा JAAC के 600 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया है।

₹1 करोड़ के इनाम के बाद गिरफ्तारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार ने शौकत नवाज मीर और अन्य JAAC नेताओं की सूचना देने वाले के लिए ₹1 करोड़ के इनाम की घोषणा की थी। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप- पाकिस्तान को हमारी जरूरत

प्रदर्शन के दौरान JAAC नेता सरदार अमन खान ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान के राशन की जरूरत नहीं, बल्कि पाकिस्तान को PoK के लोगों की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने के लिए सरकार जानबूझकर आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित कर रही है।

महंगाई से शुरू हुआ आंदोलन, अब बना राजनीतिक विरोध

बताया जा रहा है कि यह आंदोलन शुरुआत में महंगाई, खाद्य संकट, बढ़ती कीमतों और स्थानीय प्रशासन की नीतियों के खिलाफ शुरू हुआ था, लेकिन अब यह पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बड़े राजनीतिक विरोध में बदल चुका है।हाल ही में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा रावलकोट और मीरपुर के लोगों को असल कश्मीरी नहीं” बताए जाने के बाद विरोध प्रदर्शन और तेज हो गए। सरकार ने 5 जून को JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध भी लगा दिया था। संगठन के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।

इंटरनेट सेवाएं प्रभावित, 22 मौतों का दावा

रिपोर्ट्स के अनुसार, जून की शुरुआत से PoK के कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं सीमित कर दी गई हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आंदोलन की तस्वीरें और वीडियो बाहर जाने से रोकने के लिए ऐसा किया गया। वहीं, पिछले दो सप्ताह में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में 22 लोगों की मौत होने का दावा भी किया गया है।

27 जुलाई को होंगे विधानसभा चुनाव

PoK में 27 जुलाई को विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। यहां विधानसभा की कुल 53 सीटें हैं, जिनमें 45 सीटों पर सीधे चुनाव होंगे, जबकि 8 सीटें महिलाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और धार्मिक विद्वानों के लिए आरक्षित हैं।लगातार बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और नेताओं की गिरफ्तारी के बीच PoK का राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यह आंदोलन पाकिस्तान सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता नजर आ रहा है।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular