Anmol Sandesh News Desk,नई दिल्ली
संसद मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज मामले को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच के सामने मामले को रखा गया था, लेकिन अदालत ने तुरंत हस्तक्षेप करने से मना कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान एक वकील ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के वीडियो देखने का अनुरोध किया। इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि अदालत के पास वीडियो देखने का समय नहीं है।वकील द्वारा दोबारा वीडियो देखने का आग्रह करने पर CJI ने कहा—“हमारा और अपना समय बर्बाद मत कीजिए।”इसके साथ ही अदालत ने मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 20 जुलाई को निकाले गए संसद मार्च से जुड़ा है। प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कार्रवाई की, जिसके बाद लाठीचार्ज के आरोप लगाए गए।प्रदर्शनकारियों का दावा है कि कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए, जबकि पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की बात सामने आई। इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब एक पिछली सुनवाई के दौरान CJI की एक टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से एक अकाउंट बनाया गया और बाद में इसी नाम से संगठन ने प्रदर्शन किया।
संसद मार्च के बाद बढ़ा विवाद
20 जुलाई को हुए मार्च में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़े थे। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई।अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा तत्काल सुनवाई से इनकार के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। आगे की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।
