Anmol Sandesh News Desk,रायपुर
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने एक ओर किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए विशेष मंत्री-मंडलीय उप समिति के गठन को मंजूरी दी, वहीं अग्निवीर सैनिकों के पुनर्वास और रोजगार को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए राज्य की तृतीय श्रेणी की सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐलान किया।
अग्निवीरों के लिए बड़ा फैसला
कैबिनेट ने निर्णय लिया कि राज्य सरकार पुलिस विभाग में आरक्षक, वन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में प्रहरी की सीधी भर्ती में अग्निवीर सैनिकों को 10% आरक्षण देगी।इसके लिए ‘छत्तीसगढ़ अग्निवीर सैनिकों के लिए राज्य की सिविल सेवाओं में तृतीय श्रेणी के पदों में रिक्तियों का आरक्षण नियम-2026′ बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
किन्हें मिलेगा लाभ?
इस आरक्षण का लाभ उन अग्निवीरों को मिलेगा जिन्होंने:
- भारतीय सशस्त्र बलों में 4 वर्ष की सेवा पूरी की हो।
- वैध सेवा प्रमाण-पत्र के साथ सेवामुक्त हुए हों।
सरकार का कहना है कि इससे पूर्व अग्निवीरों को सम्मानजनक रोजगार मिलेगा और उनके अनुशासन व अनुभव का लाभ पुलिस, वन और जेल विभागों को मिलेगा।
किसानों के लिए बनी मंत्री-मंडलीय उप समिति
कैबिनेट ने खरीफ और रबी सीजन में किसानों को उर्वरकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक मंत्री-मंडलीय उप समिति के गठन को भी मंजूरी दी।
इस समिति का उद्देश्य होगा:
- उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण की निगरानी।
- आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाना।
- सरकार को आवश्यक सुझाव और अनुशंसाएं देना।
समिति में कौन-कौन होंगे?
- अध्यक्ष: उपमुख्यमंत्री
- सदस्य: कृषि, सहकारिता और वित्त मंत्री
- संयोजक: कृषि उत्पादन आयुक्त
समिति आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों और संबंधित विभागों के अधिकारियों से भी सलाह ले सकेगी।
सरकार का उद्देश्य
राज्य सरकार का मानना है कि इन फैसलों से:
- किसानों को समय पर खाद उपलब्ध होगी।
- कृषि उत्पादन में सुधार आएगा।
- अग्निवीर सैनिकों को सेवा के बाद बेहतर रोजगार मिलेगा।
- पुलिस, वन और जेल विभागों को प्रशिक्षित एवं अनुशासित मानव संसाधन मिलेगा।
कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में कृषि प्रबंधन और पूर्व अग्निवीरों के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
