Anmol Sandesh News Desk,रायपुर
छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा शीतकालीन सत्र में UCC लाने की घोषणा के बाद कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने साफ कहा कि “छत्तीसगढ़ में UCC की कोई जरूरत नहीं है।”

क्या बोले CM विष्णुदेव साय?
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित समिति अपनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। समिति की बैठक के बाद आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र में UCC विधेयक लाने और पारित कराने की तैयारी की जाएगी।
दीपक बैज का पलटवार
CM के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि राज्य में इस समय महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक और कानून-व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दे हैं, लेकिन सरकार इन समस्याओं का समाधान करने के बजाय UCC जैसे विषयों को आगे बढ़ा रही है।उन्होंने कहा,“छत्तीसगढ़ में UCC की कोई जरूरत नहीं है। सरकार को पहले जनता की रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।”
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि सरकार UCC के माध्यम से आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों को कमजोर कर उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस कदम का पुरजोर विरोध करेगी और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।
सियासत तेज होने के संकेत
UCC को लेकर मुख्यमंत्री और कांग्रेस के बीच शुरू हुई यह बयानबाज़ी आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है। शीतकालीन सत्र से पहले यह मुद्दा छत्तीसगढ़ की राजनीति का बड़ा चुनावी और वैचारिक मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है।अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार शीतकालीन सत्र में UCC का मसौदा किस रूप में पेश करती है और विपक्ष इसका किस तरह जवाब देता है।
