Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
मध्य प्रदेश में पिछले करीब 72 घंटों से लगातार बारिश का दौर जारी है। राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन गई है। पुराने भोपाल के कई इलाकों में दुकानों और घरों में पानी घुसने की खबर है, जबकि सड़कों पर करीब 2.5 फीट तक पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।लगातार बारिश को देखते हुए भोपाल के सभी स्कूलों को आज बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों तथा नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है।
लो-प्रेशर सिस्टम ने बढ़ाई बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बना लो-प्रेशर एरिया बारिश की गतिविधियों को बढ़ा रहा है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ भी सक्रिय है।इन मौसमी सिस्टम के प्रभाव से पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।भोपाल और इंदौर में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। आने वाले समय में इंदौर समेत पश्चिमी MP के कुछ हिस्सों में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।
नदी-नाले उफान पर, लोगों को अलर्ट रहने की सलाह
लगातार बारिश के चलते प्रदेश के कई नदी-नाले उफान पर हैं। निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग—
- नदी-नालों के पास जाने से बचें
- जलभराव वाली सड़कों पर वाहन न निकालें
- बिजली के खंभों और खुले तारों से दूरी रखें
- निचले इलाकों में रहने वाले लोग सतर्क रहें
- घर से निकलने से पहले मौसम और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी जरूर देखें
आज कहां बारिश का अलर्ट?
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार बुधवार को बड़वानी, झाबुआ, धार, इंदौर और रतलाम में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।वहीं भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा और बुरहानपुर समेत प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
अभी थमने वाला नहीं बारिश का दौर!
मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां फिलहाल पूरी तरह थमती नजर नहीं आ रही हैं। लगातार बारिश के कारण पहले से जलभराव वाले इलाकों में परेशानी और बढ़ सकती है।भोपाल से लेकर इंदौर तक बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे में अगले 24 से 72 घंटे MP के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।
