Wednesday, August 12, 2026
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रायपुर से भोपाल अब सिर्फ 7 घंटे, ₹15,000 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट से MP-CG की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव !

Anmol Sandesh News Desk, रायपुर/भोपाल

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच सड़क कनेक्टिविटी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। प्रस्तावित भोपाल-जबलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और जबलपुर-मंडला-छत्तीसगढ़ सीमा 6-लेन कॉरिडोर जैसे बड़े प्रोजेक्ट से दोनों राज्यों के बीच सफर तेज और आसान होने की उम्मीद है।इन परियोजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये के निवेश से न सिर्फ यात्रा का समय कम होने की संभावना है, बल्कि व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी बड़ा फायदा मिल सकता है।

14-15 घंटे का सफर घटकर 6-7 घंटे होने का दावा

प्रस्तावित सड़क नेटवर्क के पूरा होने के बाद भोपाल से रायपुर की दूरी तय करने में लगने वाला समय करीब 6-7 घंटे तक आने की उम्मीद जताई जा रही है।यह नया कॉरिडोर भोपाल से आगे सागर, दमोह, जबलपुर और मंडला होते हुए छत्तीसगढ़ सीमा की तरफ जाएगा।इससे मध्य प्रदेश के बड़े शहर सीधे छत्तीसगढ़ के प्रमुख इलाकों से जुड़ सकेंगे।

जबलपुर से रायपुर रूट को 6-लेन करने की तैयारी

जबलपुर से छत्तीसगढ़ सीमा और आगे चिल्पी घाट के रास्ते रायपुर जाने वाले मार्ग को भी 6-लेन बनाने की योजना बताई जा रही है।इस परियोजना के लिए करीब ₹2,500 करोड़ के निवेश का उल्लेख किया गया है।यह मार्ग दोनों राज्यों के बीच महत्वपूर्ण व्यापारिक और परिवहन कॉरिडोर के तौर पर विकसित हो सकता है। बेहतर सड़क बनने से माल ढुलाई और यात्री परिवहन दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

हजारों करोड़ का निवेश, बदलेगी कनेक्टिविटी

इन सड़क परियोजनाओं के साथ मध्य प्रदेश में कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं। बेहतर हाईवे नेटवर्क बनने से भोपाल, सागर, दमोह, जबलपुर और मंडला जैसे शहरों की कनेक्टिविटी छत्तीसगढ़ के साथ और मजबूत हो सकती है।इससे लॉजिस्टिक्स, उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

पर्यटन को भी मिलेगा बड़ा फायदा

सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने का सीधा असर पर्यटन पर भी पड़ सकता है।प्रस्तावित टाइगर कॉरिडोर के जरिए कान्हा, बांधवगढ़ और पन्ना जैसे प्रमुख टाइगर रिजर्व और पर्यटन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर करने की योजना पर काम किया जा रहा है।अगर रायपुर से इन पर्यटन स्थलों तक सड़क यात्रा आसान होती है, तो छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है।

MP-CG के लिए क्यों खास है यह प्रोजेक्ट?

बेहतर हाईवे का फायदा सिर्फ यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। दोनों राज्यों के बीच—

व्यापार 🚛 + पर्यटन 🐅 + उद्योग 🏭 + लॉजिस्टिक्स 📦 + रोजगार 💼

को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।खासकर रायपुर और जबलपुर के बीच तेज कनेक्टिविटी बनने से मध्य भारत के एक बड़े हिस्से को बेहतर सड़क नेटवर्क मिल सकता है।

रायपुर से भोपाल: 7 घंटे का सफर?

अगर प्रस्तावित एक्सप्रेसवे और 6-लेन कॉरिडोर तय योजना के मुताबिक तैयार होते हैं, तो भोपाल-रायपुर यात्रा का समय काफी कम हो सकता है।यानी आने वाले वर्षों में MP और CG के बीच सड़क सफर की तस्वीर पूरी तरह बदलने की उम्मीद है।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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