Anmol Sandesh News Desk, नासिक
महाराष्ट्र के नासिक से जुड़े TCS BPO केस में आरोपी निदा खान को कोर्ट से राहत मिली है। धर्म परिवर्तन के लिए कथित दबाव, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, मानसिक उत्पीड़न और अन्य गंभीर आरोपों से जुड़े मामले में अदालत ने निदा खान को ₹50 हजार के बॉन्ड पर जमानत दी है।हालांकि जमानत के साथ कोर्ट ने कई शर्तें भी लगाई हैं। आरोपी को जांच में सहयोग करना और नियमित रूप से पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगाना होगा।
क्या है पूरा मामला?
मामला नासिक में Tata Consultancy Services (TCS) से जुड़े एक BPO ऑफिस से सामने आया था। कुछ महिला कर्मचारियों की शिकायतों के बाद पुलिस ने कथित यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव जैसे आरोपों की जांच शुरू की।शिकायतकर्ताओं की ओर से आरोप लगाया गया कि कुछ गैर-मुस्लिम कर्मचारियों पर नमाज पढ़ने और इस्लाम से जुड़े धार्मिक तौर-तरीके अपनाने के लिए दबाव बनाया गया।एक शिकायत में हिंदू धर्म को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का आरोप भी लगाया गया।
कौन हैं निदा खान?
पुलिस केस में निदा खान को आरोपी नंबर 5 बनाया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें इस मामले में मई 2026 में गिरफ्तार किया गया था और इसके बाद वह न्यायिक हिरासत में थीं।अब करीब चार महीने बाद अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है।हालांकि, जमानत का मतलब आरोपों से बरी होना नहीं है। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।
₹50 हजार के बॉन्ड पर मिली जमानत
नासिक के मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में अदालत ने निदा खान को ₹50,000 के बॉन्ड पर जमानत दी है।कोर्ट ने जमानत देते समय आरोपी को जांच में सहयोग करने और नियमित रूप से पुलिस स्टेशन में उपस्थित होने जैसी शर्तों का पालन करने का निर्देश दिया है।यानी जमानत मिलने के बावजूद आरोपी को जांच एजेंसियों के सामने उपलब्ध रहना होगा।
FIR में कई गंभीर धाराएं
मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR नंबर 166/2026 में BNS की कई धाराएं लगाई गई हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इनमें धारा 75, 79, 299, 302, 3(5) और 328 समेत अन्य प्रावधान शामिल हैं।इन धाराओं के आधार पर पुलिस मामले में कथित उत्पीड़न, धार्मिक भावनाओं से जुड़े आरोप और अन्य घटनाओं की जांच कर रही है।
9 FIR की जांच, SIT भी बनाई गई
मामला सिर्फ एक FIR तक सीमित नहीं बताया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार नासिक पुलिस ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए SIT (Special Investigation Team) गठित की है।बताया गया है कि TCS के नासिक ऑफिस से जुड़े आरोपों को लेकर कुल 9 FIR की जांच की जा रही है।
इन मामलों में कथित तौर पर—
* यौन उत्पीड़न
* छेड़छाड़
* मानसिक उत्पीड़न
* जबरन धर्म परिवर्तन की कोशिश
* धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने
जैसे आरोपों की जांच शामिल है।
अब आगे क्या होगा?
निदा खान को जमानत मिलने के बाद भी केस खत्म नहीं हुआ है। पुलिस की SIT अपनी जांच आगे बढ़ाएगी और आरोपों से जुड़े बयानों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जाएगी।आखिरकार आरोप सही हैं या नहीं, इसका फैसला अदालत में चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।
