Anmol Sandesh News Desk, रायपुर/कोंडागांव
उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन सुरंग में हुए दर्दनाक हादसे ने छत्तीसगढ़ के कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। पीपलकोटी में विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे में छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के चार मजदूरों की मौत हो गई।घटना की जानकारी सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख जताया और मृत मजदूरों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
कोंडागांव के 4 परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे में कोंडागांव जिले के ग्राम धनसुली के दो, मदनार के एक और दहीकोंगा के एक मजदूर की मौत हुई है।मृतकों के पार्थिव शरीर कोंडागांव लाए गए, जहां परिवारजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। अपनों को खोने के बाद परिवारों में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।वहीं कोंडागांव जिले के दो अन्य मजदूर घायल हुए हैं।
CM साय ने किया ₹5-5 लाख सहायता का ऐलान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक मजदूर के परिवार को ₹5 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।इसके अलावा हादसे में घायल कोंडागांव के दो मजदूरों को ₹50-50 हजार की सहायता देने का भी ऐलान किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बेहद कठिन समय में सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने दिवंगत मजदूरों की आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवारों को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

13 अगस्त को हुआ था दर्दनाक हादसा
जानकारी के मुताबिक, 13 अगस्त 2026 को उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में THDC की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में अचानक पानी और मलबा घुस गया था।हादसे के वक्त सुरंग के अंदर 22 मजदूर मौजूद बताए गए थे। अचानक पानी और मलबा आने से मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई।घटना की सूचना मिलते ही बचाव दलों ने बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
हादसे में अब तक 10 मजदूरों की मौत
रेस्क्यू अभियान के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक इस हादसे में कुल 10 मजदूरों की मौत हुई है। इनमें छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के चार मजदूर भी शामिल हैं।कोंडागांव के दो मजदूरों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है। हादसे के बाद प्रभावित परिवारों को प्रशासन और सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
गांवों में पसरा मातम
चार मजदूरों के शव गांव पहुंचने के बाद धनसुली, मदनार और दहीकोंगा समेत संबंधित इलाकों में शोक का माहौल है। जिन परिवारों के सदस्य रोजी-रोटी कमाने के लिए हजारों किलोमीटर दूर गए थे, उन्हें अब उनके लौटने का इंतजार हमेशा के लिए खत्म हो गया।चमोली की सुरंग में हुआ हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों की जिंदगी में कभी न भरने वाला दर्द छोड़ गया है।
बड़ी बातें एक नजर में
* हादसा: चमोली, उत्तराखंड
* स्थान: पीपलकोटी, विष्णुगाड़-पीपलकोटी परियोजना की सुरंग
* हादसे की तारीख: 13 अगस्त 2026
* सुरंग में मौजूद मजदूर: 22
* कुल मौतें: 10
* छत्तीसगढ़ से मौतें: 4
* कोंडागांव के घायल मजदूर: 2
* मृतकों के परिवारों को सहायता: ₹5-5 लाख
* घायलों को सहायता: ₹50-50 हजार प्रति मजदूर
