Anmol Sandesh News Desk, वॉशिंगटन डीसी
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका फिलहाल इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर प्रभावी नियंत्रण रखता है और जल्द ही पूरा नियंत्रण हासिल कर लेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई में ईरान की नौसेना, एयरफोर्स और सैन्य नेतृत्व को भारी नुकसान पहुंचा है।
ट्रंप का दावा—ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान
ट्रंप के मुताबिक, ईरान की नेवी और एयरफोर्स को लगभग खत्म कर दिया गया है और उसके सैन्य नेतृत्व को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को जरूरी बताया।हालांकि, ये ट्रंप के दावे हैं और ईरान ने होर्मुज पर अमेरिकी “पूर्ण नियंत्रण” के दावे को खारिज किया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि स्ट्रेट अभी भी ईरान के नियंत्रण और प्रबंधन में है।
होर्मुज पर अमेरिका की नजर क्यों?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। यहां तनाव बढ़ने का सीधा असर तेल की कीमतों, शिपिंग और वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर पड़ सकता है।इसी वजह से अमेरिका के लिए इस समुद्री रास्ते को खुला रखना रणनीतिक प्राथमिकता है। हालिया तनाव के बीच होर्मुज से गुजरने वाला समुद्री यातायात काफी प्रभावित हुआ है।
ईरान पर अब “आर्थिक युद्ध” का दबाव
सैन्य दबाव के साथ अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव भी बढ़ाने का ऐलान किया है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने ईरान पर इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाने की योजना बताई है और दूसरे देशों से भी ईरान को आर्थिक मदद न देने का दबाव बनाया है। अमेरिका की रणनीति में ईरान के तेल निर्यात, वित्तीय नेटवर्क और व्यापारिक चैनलों पर दबाव बढ़ाना शामिल है। इसका असर चीन जैसे बड़े ईरानी तेल खरीदारों पर भी पड़ सकता है।
चीन ने अमेरिका को दिया जवाब
चीन ने अमेरिका की नई रणनीति का विरोध किया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि प्रतिबंध और दबाव समस्या का समाधान नहीं करेंगे। चीन ने अमेरिका और ईरान से विवाद का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए करने की अपील की है।
ईरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं
ईरान ने अमेरिकी प्रतिबंधों और दबाव को खारिज करते हुए कहा है कि इस तरह की कार्रवाई से उसकी नीति नहीं बदलेगी। ऐसे में अमेरिका की सैन्य और आर्थिक रणनीति के सामने ईरान के रुख ने होर्मुज संकट को और गंभीर बना दिया है।
