Anmol Sandesh News Desk, रीवा/मऊगंज/डिंडौरी/चित्रकूट
मध्य प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश के बाद हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं। रीवा-मऊगंज और डिंडौरी में बाढ़ जैसे हालात हैं, जबकि कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। घरों, दुकानों और निचले इलाकों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित है।पिछले कुछ घंटों में कुछ इलाकों में पानी कम जरूर हुआ है, लेकिन आसमान में छाए बादलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने नदी-नालों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
रीवा में पानी घटा, लेकिन खतरा अभी टला नहीं
रीवा में बाढ़ के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। पिछले करीब 24 घंटे से बारिश नहीं होने के कारण कुछ इलाकों से पानी निकलना शुरू हुआ है।हालांकि बिहर नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बताया जा रहा है। नदी से सटी कॉलोनियों में कई जगह पानी भरा हुआ है। कुछ क्षेत्रों में मकानों की निचली मंजिलें और दुकानें जलमग्न हैं।स्थानीय लोगों के मुताबिक दोपहर करीब 2 बजे के बाद जलस्तर में कमी देखी गई, लेकिन कई इलाके अब भी बाढ़ की चपेट में हैं।सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर दोबारा तेज बारिश हुई तो नदी का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ सकता है और हालात दोबारा बिगड़ सकते हैं।
रातभर आसमान की ओर देखते रहे लोग
रीवा में बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों के लिए बीती रात बेहद तनावपूर्ण रही। आसमान में बादल छाए रहने के कारण लोग लगातार इस बात को लेकर चिंतित रहे कि अगर फिर बारिश शुरू हुई तो पहले से प्रभावित इलाकों में पानी और बढ़ सकता है।फिलहाल बारिश थमने से राहत मिली है, लेकिन पूरी तरह खतरा टला नहीं है।
डिंडौरी में बारिश से हाहाकार
डिंडौरी में लगातार बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। नर्मदा समेत कई नदी-नाले उफान पर हैं।जिले के प्रमुख बिलगढ़ा बांध का जलस्तर भी लगातार बढ़ा है। कैचमेंट एरिया में ज्यादा पानी जमा होने के कारण बांध के दो गेट खोल दिए गए हैं।गेट खुलने के बाद सिलगी नदी में तेज उफान देखा जा रहा है। इसके चलते नदी के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
14 गांवों में अलर्ट
बांध से पानी छोड़े जाने और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों के करीब 14 गांवों में अलर्ट जारी किया है।लोगों से अपील की गई है कि वे उफनती नदियों और नालों के पास न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

चित्रकूट में फिर बढ़ा मंदाकिनी का जलस्तर
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में भी बारिश के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में रुक-रुककर हो रही तेज बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ गया है।एक दिन पानी कम होने के बाद फिर जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के इलाकों में चिंता बढ़ गई है। नदी घाटों और आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है।
गुप्त गोदावरी की गुफाएं लगातार तीसरे दिन बंद
जलस्तर बढ़ने और सुरक्षा को देखते हुए गुप्त गोदावरी की गुफाएं लगातार तीसरे दिन पर्यटकों के लिए बंद रखी गई हैं।आसपास की दुकानों को भी बंद कराया गया है। प्रशासन ने देर रात मुनादी कराकर नदी तट के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सख्त हिदायत दी।
रेस्क्यू टीमों की तैनाती
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने QRT, SDRF और होमगार्ड की टीमों को मोटर बोट के साथ तैनात किया है।प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू करना है।
हालात एक नजर में
* रीवा: बिहर नदी खतरे के निशान से ऊपर, कई कॉलोनियों में पानी
* मऊगंज: निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा
* डिंडौरी: नर्मदा समेत कई नदी-नाले उफान पर
* बिलगढ़ा बांध: दो गेट खोले गए
* सिलगी नदी: तेज उफान
* 14 गांव: प्रशासन ने अलर्ट जारी किया
* चित्रकूट: मंदाकिनी नदी का जलस्तर फिर बढ़ा
* गुप्त गोदावरी: लगातार तीसरे दिन पर्यटकों के लिए बंद
* रेस्क्यू: QRT, SDRF और होमगार्ड मोटर बोट के साथ तैनात
लोगों से अपील
उफनती नदी, नाले और पुल पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें। नदी किनारे या निचले इलाकों में रहने वाले लोग प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लें और जलस्तर बढ़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर जाएं।बारिश थमने से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन नदियों का जलस्तर अभी भी चिंता का विषय है। अगले कुछ घंटे हालात के लिहाज से बेहद अहम हैं।
