Anmol Sandesh News Desk, न्यूयॉर्क
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों 17 दिनों के विदेश दौरे पर हैं। इस दौरान वह तीन देशों की यात्रा करेंगे और भारतीय मूल के लोगों के साथ-साथ स्थानीय संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। यह दौरा RSS के शताब्दी वर्ष के ग्लोबल आउटरीच कार्यक्रम के तहत आयोजित किया जा रहा है। हालांकि, अमेरिका में भागवत के एक कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने 29 अगस्त को होने वाले कार्यक्रम को लेकर सार्वजनिक तौर पर अपनी असहमति जाहिर की है।
न्यूयॉर्क में RSS कार्यक्रम पर ममदानी का विरोध
मोहन भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित होने वाले ‘यूनिवर्सल वननेस’ कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं। इसी कार्यक्रम को लेकर न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह RSS के कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते और ऐसी विचारधारा का विरोध करते हैं, जिसे वह समाज को बांटने वाली मानते हैं। ममदानी की टिप्पणी के बाद यह मामला भारतीय-अमेरिकी समुदाय और अमेरिका में सक्रिय विभिन्न संगठनों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
जोहरान ममदानी ने क्या कहा?
ममदानी ने अपने बयान में RSS के कार्यक्रम से दूरी बनाते हुए कहा कि वह ‘बांटने वाली विचारधारा’ का समर्थन नहीं करते। उनकी टिप्पणी का सीधा संदर्भ RSS के कार्यक्रम से था। बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई कि न्यूयॉर्क जैसे वैश्विक शहर के मेयर द्वारा भारत के एक प्रमुख सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन के कार्यक्रम पर सार्वजनिक टिप्पणी करने के क्या मायने हैं।
17 दिनों का विदेश दौरा क्यों खास?
RSS प्रमुख का यह विदेश दौरा संगठन के 100 साल पूरे होने के अवसर पर चल रहे वैश्विक कार्यक्रमों का हिस्सा है। दौरे के दौरान मोहन भागवत भारतीय मूल के लोगों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ संवाद करेंगे। RSS की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर भारत के अलावा विदेशों में भी कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ऐसे में भागवत के विदेश दौरे को RSS के वैश्विक संपर्क और भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ संवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
न्यूयॉर्क में ही क्यों बढ़ी चर्चा?
न्यूयॉर्क में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं। यही वजह है कि यहां होने वाले RSS प्रमुख के कार्यक्रम और उस पर शहर के मेयर की प्रतिक्रिया को विशेष महत्व मिल रहा है। ममदानी के बयान के बाद भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बीच भी इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
RSS और मोहन भागवत पर दुनियाभर की नजर
RSS भारत के सबसे प्रभावशाली सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों में से एक है और मोहन भागवत लंबे समय से संगठन का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके भाषणों और विदेशों में होने वाले कार्यक्रमों को भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक और सामाजिक नजरिए से देखा जाता है। न्यूयॉर्क में होने वाले इस कार्यक्रम ने एक बार फिर RSS की विचारधारा, भारतीय प्रवासी समुदाय और अमेरिका की स्थानीय राजनीति को एक ही चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
अब आगे क्या?
फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा 29 अगस्त के ‘यूनिवर्सल वननेस’ कार्यक्रम को लेकर है। एक तरफ RSS अपने शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर न्यूयॉर्क के मेयर की आपत्ति ने इस कार्यक्रम को राजनीतिक बहस का विषय बना दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत की ओर से कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं और अमेरिकी राजनीति में इस मुद्दे पर आगे क्या बयान सामने आते हैं।
