Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह से जुड़े बहुचर्चित मामले में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक के बाद बड़ा अपडेट सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान के मामले में विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए राज्य सरकार ने अभियोजन की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि कैबिनेट में इस मुद्दे पर चर्चा हुई और चर्चा के बाद सरकार ने शाह के पक्ष में निर्णय लिया। अब इस प्रस्ताव को राज्यपाल के पास भेजे जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, इस मामले में सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। सबसे अहम बात यह है कि मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होनी है। ऐसे में कैबिनेट के कथित फैसले के बाद राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर हलचल बढ़ गई है।
कैबिनेट में क्या हुआ?
सूत्रों के अनुसार, मंगलवार की कैबिनेट बैठक में विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि इस दौरान सभी अधिकारियों को बैठक से बाहर कर दिया गया था और उसके बाद मंत्रियों ने इस मुद्दे पर विचार किया। सरकार की ओर से यह तर्क दिए जाने की बात सामने आई है कि विजय शाह इस पूरे विवाद के बाद कई बार सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं। हालांकि, कैबिनेट के इस कथित निर्णय की आधिकारिक पुष्टि अभी सरकार की ओर से नहीं की गई है।
राज्यपाल के पास जाएगा मामला
सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट के फैसले के बाद प्रस्ताव को अब राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। इसके बाद इस मामले में आगे की संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यानी फिलहाल कैबिनेट के फैसले के बाद भी मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और राज्यपाल के स्तर पर होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
सरकार ने आधिकारिक जानकारी क्यों नहीं दी?
कैबिनेट बैठक के बाद लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने मीडिया को सरकार के कई फैसलों की जानकारी दी। हालांकि विजय शाह से जुड़े इस मामले पर उन्होंने कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की। मीडिया ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने इस मुद्दे को कैबिनेट के एजेंडे का हिस्सा होने से भी इनकार किया। इसलिए फिलहाल विजय शाह मामले में सामने आई जानकारी मुख्य रूप से सूत्रों के हवाले से है और आधिकारिक आदेश सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
क्या है विजय शाह और कर्नल सोफिया कुरैशी का पूरा मामला?
यह पूरा विवाद मई 2025 का है। मध्य प्रदेश के महू में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह ने भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर एक विवादित टिप्पणी की थी। उनके बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। मामला बढ़ने पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया और मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी थी SIT
मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद विशेष जांच दल यानी SIT गठित की गई थी। जांच के दौरान SIT ने विजय शाह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 के तहत मुकदमा चलाने के लिए सरकार से अभियोजन की अनुमति मांगी। इसके बाद इस अनुमति को लेकर मामला राज्य सरकार के पास लंबित रहा।
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मांगा था जवाब
इस मामले में 19 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को अभियोजन की अनुमति के संबंध में निर्णय लेने को कहा था। फैसले में देरी होने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी भी जताई और सरकार को तय समयसीमा में निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। अब कैबिनेट के कथित फैसले के बाद सभी की नजर 31 अगस्त की सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर है।
अब आगे क्या होगा?
विजय शाह मामले में फिलहाल तीन स्तर बेहद महत्वपूर्ण हैं—
पहला: कैबिनेट का कथित निर्णय।
दूसरा: प्रस्ताव पर राज्यपाल का फैसला।
तीसरा: 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई।
