Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है, वहीं पूर्वी मध्यप्रदेश में मौसम का असर ज्यादा तेज रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने शनिवार को रीवा, सीधी, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और कुछ स्थानों पर उनके उफान पर आने की आशंका भी जताई गई है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
शनिवार को प्रदेश के जिन सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें रीवा, सीधी, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं। इन इलाकों में कुछ स्थानों पर कम समय में तेज बारिश होने की स्थिति बन सकती है। बारिश के कारण सड़कों पर पानी भरने, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और निचले क्षेत्रों में परेशानी बढ़ने की संभावना है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को नदी-नालों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की स्थिति को देखते हुए ही घर से बाहर निकलने की अपील की गई है।
बुंदेलखंड में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर
प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पिछले करीब आठ दिनों से लगातार बारिश का दौर बना हुआ है। कई इलाकों में लगातार पानी गिरने से नदी और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कुछ निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी सामने आई है। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों में लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन की ओर से भी स्थानीय परिस्थितियों पर नजर रखने की जरूरत है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां नदी-नाले और छोटे जलस्रोत आबादी के नजदीक हैं।
भोपाल में रिमझिम बारिश के आसार
राजधानी भोपाल में शनिवार को तेज बारिश की संभावना कम, लेकिन रिमझिम बारिश के आसार बने हुए हैं। आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में भारी बारिश की संभावना अपेक्षाकृत कम बताई गई है। हालांकि मानसून सक्रिय रहने के कारण स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
पूर्वी मध्यप्रदेश में ज्यादा सक्रिय रहेगा मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक मौजूदा मौसम प्रणाली का प्रभाव प्रदेश के पूर्वी हिस्से में ज्यादा दिखाई दे रहा है। इसके चलते रीवा और शहडोल संभाग के साथ जबलपुर क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। इसके विपरीत पश्चिमी मध्यप्रदेश में फिलहाल बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है। मौसम की यह स्थिति अगले चार दिनों तक बनी रहने की संभावना जताई गई है।
किसानों को जल निकासी दुरुस्त रखने की सलाह
लगातार बारिश को देखते हुए किसानों के लिए भी सावधानी जरूरी है। खेतों में ज्यादा पानी जमा होने से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की सलाह दी गई है। जहां खेत निचले क्षेत्रों में हैं, वहां पानी की निकासी के लिए पहले से व्यवस्था करना उपयोगी रहेगा। साथ ही तेज बारिश के दौरान खेतों या नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग के अलर्ट के बीच प्रशासन और स्थानीय स्तर पर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। भारी बारिश के दौरान नदी, नाले, पुल-पुलिया और जलभराव वाले रास्तों को पार करने का जोखिम नहीं उठाना चाहिए। विशेष रूप से रीवा, सीधी, शहडोल, कटनी, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट के लोगों को मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
अगले चार दिन अहम
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश की सक्रियता अगले चार दिनों तक बनी रह सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी कुछ जिलों में तेज बारिश और जलभराव जैसी परिस्थितियां देखने को मिल सकती हैं। फिलहाल सबसे ज्यादा नजर रीवा-शहडोल संभाग और पूर्वी मध्यप्रदेश के जिलों पर रहेगी।
