Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और बुनियादी ढांचे को लेकर कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई। बैठक में करीब ₹41 हजार करोड़ की स्वीकृतियां दी गईं। सरकार ने किसानों, दुग्ध उत्पादकों, सड़क निर्माण, स्वास्थ्य, तकनीकी शिक्षा और प्रशासन से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी है। बैठक के बाद लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। सबसे अहम फैसलों में ग्रीष्मकालीन मूंग की MSP पर सरकारी खरीदी की सीमा बढ़ाना शामिल है। अब सरकार किसानों की कुल मूंग पैदावार का 60 प्रतिशत तक हिस्सा समर्थन मूल्य पर खरीद सकेगी। पहले यह सीमा 25 प्रतिशत थी।
मूंग उत्पादकों को बड़ी राहत, खरीदी की सीमा बढ़ी
कैबिनेट के फैसले से मूंग उत्पादक किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार ने समर्थन मूल्य पर ग्रीष्मकालीन मूंग के उपार्जन का दायरा बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया है। पहले किसानों की कुल उत्पादन मात्रा में से केवल 25 प्रतिशत तक मूंग की सरकारी खरीदी की अनुमति थी। सीमा बढ़ने से अब अधिक मात्रा में मूंग MSP पर खरीदी जा सकेगी। इससे समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने वाले किसानों की संख्या और सरकारी खरीदी, दोनों बढ़ने की संभावना है।
डेयरी सेक्टर के लिए ₹2,973 करोड़ का पैकेज
कैबिनेट ने प्रदेश के डेयरी क्षेत्र को विस्तार देने के लिए करीब ₹2,973 करोड़ की राशि मंजूर की है। इसमें दूध के प्रसंस्करण की क्षमता बढ़ाने के लिए ₹1,547 करोड़ का प्रावधान शामिल है। सरकार ने अगले पांच वर्षों में सहकारी दुग्ध समितियों का नेटवर्क 7,331 गांवों से बढ़ाकर 26 हजार गांवों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही दूध संकलन क्षमता को प्रतिदिन 12 लाख किलोग्राम से बढ़ाकर 52 लाख किलोग्राम करने और प्रसंस्करण क्षमता को 17.8 लाख लीटर से बढ़ाकर 63.3 लाख लीटर प्रतिदिन करने की योजना है। दुग्ध पैकेट की बिक्री का लक्ष्य भी प्रतिदिन 7 लाख से बढ़ाकर 35 लाख लीटर करने का रखा गया है।
पश्चिमी भोपाल बाईपास की लागत बढ़ी
बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में पश्चिमी भोपाल बाईपास परियोजना को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय हुआ। परियोजना की लागत ₹2,981 करोड़ से बढ़कर ₹3,225 करोड़ हो गई है। मुआवजा गुणांक दो से बढ़ाकर चार किए जाने को लागत बढ़ने की प्रमुख वजह बताया गया है। वहीं रातापानी टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की आवाजाही के लिए अंडरपास के प्रावधान के कारण बाईपास की लंबाई करीब 40 किलोमीटर से घटकर 35.61 किलोमीटर होगी। सरकार के अनुसार इस बदलाव से यात्रा की दूरी करीब 21 किलोमीटर तक कम हो सकती है।
महलुआ-बीना-खेमला-सामलथौन मार्ग होगा फोरलेन
कैबिनेट ने महलुआ-बीना-खेमला-सामलथौन मार्ग को फोरलेन में अपग्रेड करने के लिए करीब ₹2,776 करोड़ की मंजूरी दी है। इस परियोजना से सड़क संपर्क और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
RGPV की जगह तीन नए प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने बड़ा बदलाव मंजूर किया है। RGPV के स्थान पर तीन नए प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे।
इनमें शामिल हैं—
- मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, भोपाल
- मालवा प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उज्जैन
- महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय, जबलपुर
इन विश्वविद्यालयों के लिए पद सृजन और प्रतिनियुक्ति से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। सरकार का यह कदम प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को क्षेत्रीय स्तर पर विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी बड़ा बजट
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की संपत्तियों के संधारण के लिए ₹915.77 करोड़ और मशीनों एवं उपकरणों के अनुरक्षण के लिए ₹488.41 करोड़ की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा नवगठित जिलों में आयुष विभाग के जिला कार्यालयों के संचालन के लिए 20 पदों के सृजन को भी स्वीकृति मिली है।
अनुशासनात्मक मामलों में भी कैबिनेट का फैसला
कैबिनेट बैठक में प्रशासनिक और अनुशासनात्मक मामलों पर भी निर्णय लिए गए। बच्चों के पलायन से जुड़े मामले में दोषी पाए गए अधिकारी राजीव द्विवेदी की देय पेंशन में से एक वर्ष तक 5 प्रतिशत पेंशन रोकने का फैसला किया गया। वहीं रिश्वत के मामले में दोषसिद्ध और सेवानिवृत्त पूर्व उप वन क्षेत्रपाल अब्दुल तनवीर खान की संपूर्ण पेंशन स्थायी रूप से रोकने का प्रस्ताव रखा गया है।
पंचायत ग्रामीण विकास में 60:40 की वित्तीय व्यवस्था
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित वित्तीय व्यवस्था को लेकर भी निर्णय हुआ। केंद्र और राज्य के बीच 60:40 के अनुपात में वित्तीय व्यवस्था तथा प्रत्येक जिले में शिकायत निवारण के लिए लोकपाल की नियुक्ति से जुड़े फैसले को मंजूरी दी गई। सरकार ने जन विश्वास अभियान को आगे बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। जन्माष्टमी के कारण अभियान की आगामी तारीख बदलकर 11 सितंबर कर दी गई है।
किसानों से लेकर युवाओं तक असर
कैबिनेट के फैसलों में किसानों के लिए मूंग खरीदी का दायरा बढ़ाना, पशुपालकों के लिए डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, आम लोगों के लिए सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं में निवेश तथा युवाओं के लिए नए तकनीकी विश्वविद्यालयों की स्थापना जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
