Anmol Sandesh News Desk, सरगुजा।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा क्षेत्र में एक बार फिर मानव-हाथी संघर्ष ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। जनकपुर वन परिक्षेत्र में बीती रात करीब 12 हाथियों के दल ने थोड़गी और लावाहोरी गांव में जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने कई कच्चे-पक्के मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया और घरों में रखा अनाज भी खा गए। घटना के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने और भोजन की व्यवस्था को लेकर मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। मिली जानकारी के अनुसार हाथियों का दल रात करीब 9 बजे थोड़गी गांव के हतवारी पारा पहुंचा। अचानक गांव में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। हाथियों ने रामप्रताप, जगतपाल और बाबूराम के मकानों को नुकसान पहुंचाया। घरों की दीवारों और अन्य हिस्सों के क्षतिग्रस्त होने से तीन परिवारों के सामने तत्काल आशियाने का संकट पैदा हो गया।
लावाहोरी में घर तोड़ा, धान भी खा गए
थोड़गी के बाद हाथियों का झुंड ग्राम पंचायत घघरा के आश्रित ग्राम लावाहोरी की ओर बढ़ गया। यहां विष्णु अगरिया और सुखलाल अगरिया के मकानों को भी नुकसान पहुंचाया गया। बताया गया कि हाथियों ने विष्णु अगरिया के घर को तोड़कर अंदर रखा करीब 25 बोरी धान खा लिया। इसके अलावा आसपास के खेतों में खड़ी धान और मक्का की फसल को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। एक ही रात में हाथियों के दो गांवों में पहुंचने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। रात के समय घरों के आसपास हाथियों की मौजूदगी के कारण लोग बाहर निकलने से भी डर रहे हैं।
फसल और घर दोनों पर संकट
ग्रामीणों के लिए परेशानी केवल मकानों के नुकसान तक सीमित नहीं है। खेती पर निर्भर परिवारों के लिए खेतों में खड़ी फसल का नुकसान सीधे उनकी आय और आगामी भोजन व्यवस्था पर असर डाल सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की लगातार आवाजाही के बावजूद आबादी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत किए जाने की जरूरत है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने और संवेदनशील गांवों में समय रहते सूचना पहुंचाने की मांग की है।
मुआवजे और सुरक्षा की मांग
हाथियों के उत्पात से प्रभावित ग्रामीणों ने मकानों और फसलों के नुकसान का तत्काल सर्वे कराने तथा नियमानुसार उचित मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के आबादी क्षेत्र में आने की स्थिति में लोगों को पहले से सतर्क किया जाए, ताकि ग्रामीण रात में घरों से बाहर निकलकर हाथियों का सामना करने की कोशिश न करें। साथ ही हाथियों को सुरक्षित तरीके से आबादी क्षेत्र से दूर रखने के लिए वन विभाग द्वारा प्रभावी कदम उठाए जाने की मांग की गई है।
ग्रामीणों के लिए जरूरी सावधानी
हाथियों के गांव के आसपास होने पर ग्रामीणों को उनके करीब जाने, उन्हें घेरने या फोटो-वीडियो बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। हाथियों को रास्ता देना और वन विभाग की सूचना/सलाह का पालन करना अधिक सुरक्षित है।
