Sunday, September 6, 2026
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MP में अब OFFLINE भी होगी TET परीक्षा, CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान,प्रदेश में डेढ़ लाख शिक्षक देंगे एग्जाम,टीचर्स-डे पर 33 उत्कृष्ट शिक्षकों का हुआ सम्मान,CM बोले- देश की किस्मत कक्षाओं में बनती है

Anmol Sandesh News Desk, भोपाल

शिक्षक दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के शिक्षकों और शिक्षक पात्रता परीक्षा TET की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा अब ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन माध्यम से भी आयोजित की जाएगी। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल परीक्षा व्यवस्था में बदलाव करना नहीं, बल्कि प्रदेश की पूरी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है। शिक्षकों की सुविधा, विद्यार्थियों को बेहतर अवसर और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है।

TET अभ्यर्थियों को ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन विकल्प

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद TET परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा का माध्यम बढ़ गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार ऑफलाइन यानी पेन-पेपर मोड को भी परीक्षा व्यवस्था में शामिल किया गया है। आवेदन की अंतिम तारीख भी 18 सितंबर 2026 तक बढ़ाए जाने और 20 सितंबर तक करेक्शन विंडो उपलब्ध रहने की जानकारी सामने आई है। इस बदलाव से विशेष रूप से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली में तकनीकी या अन्य व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

33 उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान

भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के 33 उत्कृष्ट सरकारी स्कूल शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। समारोह में शिक्षकों के योगदान को शिक्षा व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए उनके नवाचार, मेहनत और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में भूमिका की सराहना की गई।

“देश की किस्मत कक्षाओं में बनती है”

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शिक्षक की भूमिका को केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं माना। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य और उसकी दिशा कक्षाओं में तैयार होती है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानने और उन्हें उनकी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक एक शिक्षक के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि तब होती है, जब उसका विद्यार्थी उससे भी आगे जाकर सफलता हासिल करता है। उन्होंने कहा कि जहां गुरुर’ समाप्त होता है और गुणों की शुरुआत होती है, वहीं गुरु की प्राप्ति होती है।

सरकारी स्कूलों के प्रदर्शन की सराहना

मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की मेहनत का उदाहरण देते हुए बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मेरिट सूची में स्थान बनाने वाले विद्यार्थियों में 50 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी सरकारी विद्यालयों से आते हैं। उनके अनुसार यह शिक्षकों के परिश्रम, मार्गदर्शन और विद्यार्थियों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों को गुणवत्ता और सुविधाओं के मामले में निजी स्कूलों से कम नहीं रहने देना है।

राज्यपाल बोले- शिक्षा में लगातार Innovation जरूरी

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि बदलती दुनिया और रोजगार के नए अवसरों के अनुसार शिक्षा व्यवस्था में निरंतर अपडेट और इनोवेशन जरूरी है। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जोड़ने पर जोर दिया। राज्यपाल के अनुसार शिक्षा सिर्फ किताबों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों को कला, विज्ञान, खेल, कौशल और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में परिवार और शिक्षक दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। माता-पिता को बच्चों के साथ संवाद बढ़ाना चाहिए और उनकी पढ़ाई, रुचि तथा समस्याओं को समझने का प्रयास करना चाहिए।

असफलता पर बच्चों को डांटने के बजाय संभालें

राज्यपाल ने विद्यार्थियों के मानसिक और भावनात्मक विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा में कम अंक या असफलता को जीवन की असफलता नहीं माना जाना चाहिए। कमजोर प्रदर्शन करने वाले बच्चे को डांटने के बजाय प्रेम, संवाद और सही मार्गदर्शन के जरिए आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को अपने बच्चों की तरह समझकर उनकी क्षमता को पहचानने की अपील की।

धन्नालाल ने बदली स्कूल की तस्वीर

समारोह में सम्मानित शिक्षकों की उपलब्धियों ने यह भी दिखाया कि सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षक किस तरह बदलाव ला सकते हैं। बालाघाट के माध्यमिक शिक्षक धन्नालाल ने बताया कि उनका विद्यालय जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर है। वहां पहुंचने के बाद उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पालकों को साथ जोड़ा। विद्यालय की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए समुदाय से सहयोग लिया और बच्चों की स्कूल में रुचि बढ़ाने के लिए लगातार गतिविधियां आयोजित कीं। अवकाश के दिनों और स्कूल की छुट्टी से पहले-सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों के जरिए बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों को भी शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया गया। इसका असर यह हुआ कि विद्यालय के विद्यार्थी तहसील, जिला और राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने लगे।

विकसित भारत 2047 में शिक्षा की बड़ी भूमिका

राज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में शिक्षा की भूमिका निर्णायक होगी। आज की युवा पीढ़ी ही आने वाले वर्षों में देश का नेतृत्व करेगी। ऐसे में विद्यार्थियों को सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि संस्कार, कौशल, सहनशीलता, रचनात्मकता और जिम्मेदारी का भाव देना जरूरी है। समारोह में स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह, खेल मंत्री विश्वास सारंग, विधायक भगवानदास सबनानी और नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

एक नजर में

  • 33 उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान
  • TET अब ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन भी
  • ऑफलाइन परीक्षा पेन-पेपर मोड में भी होगी
  • आवेदन की अंतिम तारीख 18 सितंबर 2026
  • करेक्शन विंडो 20 सितंबर 2026 तक
  • सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के प्रदर्शन को CM ने सराहा
  • शिक्षा में Innovation और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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