Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली।
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत ढहने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार ने लापरवाही के आरोप में MCD के पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। सरकार ने साफ किया है कि निर्माण और इमारतों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हादसे वाले इलाके में इसी तरह की पुरानी और जोखिम वाली इमारतों को तत्काल सील करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इन 5 अधिकारियों पर गिरी गाज
कार्रवाई की जद में MCD के दक्षिण जोन के पांच अधिकारी आए हैं। इनमें डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर रणवीर सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ललित कुमार गोयल, असिस्टेंट इंजीनियर सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार शामिल हैं। सरकार की कार्रवाई को हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
PG मालिक की तलाश तेज, लुकआउट नोटिस
पुलिस के मुताबिक हादसे से जुड़े PG मालिक हरिराम बंसल की तलाश जारी है। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 10 टीमें लगाई हैं। अधिकारियों के अनुसार आरोपी के संभावित ठिकानों और परिचितों से जुड़े स्थानों पर भी दबिश दी जा रही है।हरिराम के खिलाफ साउथ कैंपस थाने में गैर इरादतन हत्या, इमारत की देखरेख में लापरवाही और लोगों की सुरक्षा खतरे में डालने जैसे आरोपों में मामला दर्ज किया गया है।
हादसे के बाद भी जारी रहा रेस्क्यू
पांच मंजिला इमारत रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक भरभराकर ढह गई थी। घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। मलबा हटाने और उसमें फंसे लोगों की तलाश का काम लगातार जारी रहा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
दिल्ली की पुरानी इमारतों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने राजधानी की पुरानी इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य जर्जर और जोखिम वाली इमारतों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई करना है। सरकार का कहना है कि जहां भी इमारतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आएगी, वहां जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सवालों के घेरे में इमारतों की निगरानी
सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली में पुरानी और बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर उन इमारतों को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिनका इस्तेमाल PG या किराये के आवास के रूप में किया जा रहा है। अब सरकार के सामने चुनौती सिर्फ इस हादसे की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि राजधानी में ऐसी इमारतों की पहचान कर समय रहते उन्हें सुरक्षित कराना भी बड़ी जिम्मेदारी है।
