Anmol Sandesh News Desk, प्रयागराज
अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की अंतिम विदाई के बाद उसके बड़े भाई उमर और अली अहमद जेल वापस लौट गए। दोनों भाई अबान के जनाजे में शामिल होने के लिए कस्टडी पैरोल पर प्रयागराज पहुंचे थे। अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने के बाद जेल लौटने से पहले उनकी AIMIM के यूपी प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली से मुलाकात हुई, जिसकी राजनीतिक गलियारों में चर्चा हो रही है।
शौकत अली से मुलाकात, ओवैसी के लिए संदेश
शौकत अली के मुताबिक, अबान को सुपुर्द-ए-खाक करने के बाद उमर और अली को पुलिस सुरक्षा में एक मस्जिद में नमाज के लिए ले जाया गया। इसी दौरान दोनों भाइयों की शौकत अली से मुलाकात हुई।शौकत अली का कहना है कि उमर और अली ने उन्हें सलाम किया। बातचीत के दौरान उमर ने असदुद्दीन ओवैसी तक अपना सलाम पहुंचाने का संदेश दिया।शौकत अली ने दोनों भाइयों को हिम्मत बनाए रखने की बात कही और बाद में वे पुलिस सुरक्षा के बीच जेल के लिए रवाना हो गए।
अबान के जनाजे में भाइयों ने निभाई रस्में
उमर और अली दोनों पुलिस हिरासत में अबान के जनाजे में पहुंचे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के हाथों में हथकड़ी लगी थी।उमर ने अपने छोटे भाई की नमाज-ए-जनाजा खुद पढ़ाने की इच्छा जताई। इसके बाद दोनों भाइयों ने अबान के जनाजे को कंधा दिया।अबान को प्रयागराज में उसके पिता अतीक अहमद की कब्र के पास दफनाया गया।
AIMIM से रहा है अतीक परिवार का जुड़ाव
अतीक परिवार और AIMIM के बीच पुराना राजनीतिक जुड़ाव भी रहा है। साल 2021 में अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन और बेटे उमर के AIMIM में शामिल होने की बात सामने आई थी।इसके बाद उमर के पार्टी के लिए कुछ इलाकों में प्रचार और कार्यक्रमों में शामिल होने का भी जिक्र मिलता रहा है। इसी राजनीतिक जुड़ाव के कारण शौकत अली और उमर के बीच पहले से परिचय बताया जाता है।
शौकत अली ने दूसरे नेताओं पर उठाए सवाल
शौकत अली ने अबान के अंतिम संस्कार में अन्य मुस्लिम नेताओं की गैरमौजूदगी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कुछ नेताओं पर अतीक परिवार के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित नेताओं का पक्ष अलग हो सकता है और इसे आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
पैरोल खत्म, अब जेल वापसी
अबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उमर और अली को कस्टडी पैरोल मिली थी। अंतिम रस्में पूरी होने के बाद दोनों को पुलिस सुरक्षा में वापस जेल ले जाया गया।अबान की मौत के बाद परिवार के लिए यह बेहद भावुक समय रहा। एक तरफ छोटे भाई की अंतिम विदाई और दूसरी तरफ पैरोल खत्म होते ही दोनों भाइयों की जेल वापसी—इस पूरे घटनाक्रम ने लोगों का ध्यान खींचा है।
