Anmol Sandesh News Desk, इंदौर
इंदौर पुलिस ने कथित ‘लव जिहाद फंडिंग’ मामले में आरोपी अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, उसे फर्जी आर्म्स लाइसेंस मामले में पकड़ा गया है। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क, दस्तावेजों तथा संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है।
फर्जी लाइसेंस का आरोप
सदर बाजार पुलिस के मुताबिक, अनवर कादरी पर आरोप है कि उसने जम्मू-कश्मीर के कठुआ से कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 12 बोर बंदूक का लाइसेंस बनवाया।
प्रारंभिक जांच में आरोप है कि:
- खुद को ठेकेदार बताकर लाइसेंस हासिल किया गया।
- आवेदन के दौरान अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई गई।
- कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस लाइसेंस को बनवाने में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
पहले भी कथित फंडिंग मामले में आया था नाम
पुलिस के अनुसार, अनवर कादरी का नाम पहले कथित ‘लव जिहाद फंडिंग’ मामले में भी सामने आया था। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों के कथित बयानों के आधार पर उसे एक प्रमुख आरोपी माना गया था।पुलिस का दावा है कि जमानत मिलने के बाद वह फरार चल रहा था और दिल्ली सहित कई शहरों में लगातार ठिकाने बदल रहा था।
तकनीकी सर्विलांस से हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने बताया कि तकनीकी सर्विलांस और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और कथित फर्जीवाड़े से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
अब किन पहलुओं की होगी जांच?
जांच एजेंसियां अब इन बिंदुओं पर फोकस कर रही हैं:
- कथित फर्जी लाइसेंस बनाने में शामिल लोगों की पहचान
- इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों की सत्यता
- बैंक खातों और लेनदेन की जांच
- मोबाइल कॉल डिटेल और डिजिटल रिकॉर्ड
- कथित फंडिंग के स्रोत
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। मामले में लगे आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।
