Anmol Sandesh News Desk,लखनऊ
उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनावी माहौल के बीच अब AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार वीडियो को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से जुड़े AI वीडियो वायरल होने के बाद दोनों प्रमुख दल आमने-सामने आ गए हैं। सोमवार को सपा मुख्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उनकी पार्टी को AI के जरिए घेरने की कोशिश की जाएगी तो समाजवादी पार्टी भी AI के मोर्चे पर पीछे नहीं रहेगी। उन्होंने पत्रकारों के सामने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जुड़ा एक AI वीडियो भी चलाया, जिसकी क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुई।
‘भाजपा बचपना बंद करे’—अखिलेश का हमला
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को इस तरह की राजनीति से बचना चाहिए। उनके मुताबिक AI तकनीक का इस्तेमाल कर वीडियो बनाकर राजनीतिक माहौल प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। सपा प्रमुख ने कहा कि अगर भाजपा AI के जरिए समाजवादी पार्टी को निशाना बनाने का प्रयास करेगी तो उनकी पार्टी भी इसका जवाब देगी। उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि तकनीक के इस नए राजनीतिक मैदान में सपा खुद को कमजोर नहीं मानती। अखिलेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने साथ दिखाए गए वीडियो के अलावा योगी आदित्यनाथ से संबंधित AI वीडियो भी स्क्रीन पर प्रदर्शित किया।
BJP का पलटवार—‘झूठ और दुष्प्रचार’ का लगाया आरोप
अखिलेश के बयान के बाद भाजपा ने भी पलटवार किया। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने सपा पर झूठ और दुष्प्रचार के जरिए भाजपा की छवि खराब करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। भाजपा का कहना है कि समाजवादी पार्टी लगातार नए नैरेटिव के जरिए जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है। राकेश त्रिपाठी ने कहा कि झूठ ज्यादा समय तक नहीं टिकता और इस तरह के वीडियो से भाजपा की छवि प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान संविधान और आरक्षण को लेकर हुए राजनीतिक विवाद का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि उस समय भी भाजपा के खिलाफ इसी तरह का नैरेटिव चलाया गया था।
AI वीडियो बना नया राजनीतिक हथियार
सोशल मीडिया के दौर में AI से तैयार किए गए वीडियो राजनीतिक दलों के लिए प्रचार और जवाबी प्रचार का नया माध्यम बनते जा रहे हैं। किसी नेता की आवाज, चेहरा या भाषण जैसी दिखने वाली सामग्री को AI तकनीक के जरिए तैयार किया जा सकता है। यही वजह है कि राजनीतिक दलों के बीच ऐसे वीडियो को लेकर असली और नकली सामग्री की पहचान बड़ा मुद्दा बन गई है। वायरल वीडियो को बिना सत्यापन शेयर करने से गलत सूचना तेजी से फैल सकती है।
अखिलेश ने योगी सरकार पर भी साधा निशाना
AI वीडियो विवाद के साथ अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर कई अन्य मुद्दों को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और स्कूलों को बंद किए जाने जैसे मुद्दे उठाए और सरकार पर सवाल खड़े किए।अखिलेश का आरोप है कि विपक्षी नेताओं को बदनाम करने के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल कर वीडियो तैयार कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी को AI के जरिए घेरने की कोशिश जारी रही तो पार्टी इस मोर्चे पर भी जवाब देने के लिए तैयार है।
चुनाव से पहले सोशल मीडिया पर बढ़ेगी ‘AI Politics’?
उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोशल मीडिया पहले से ही चुनावी प्रचार का अहम माध्यम है। ऐसे में AI तकनीक के तेजी से लोकप्रिय होने के बाद आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों के बीच AI वीडियो, डीपफेक और डिजिटल नैरेटिव को लेकर मुकाबला और तेज होने की संभावना है। इस पूरे विवाद में सबसे अहम सवाल यही है कि वायरल हो रहा वीडियो वास्तविक है या AI से तैयार किया गया है? ऐसे किसी भी वीडियो को अंतिम सत्य मानने से पहले उसके स्रोत और सत्यता की जांच करना जरूरी है।फिलहाल अखिलेश यादव के बयान और भाजपा के पलटवार ने यूपी की राजनीति में ‘AI War’ को नया चुनावी मुद्दा बना दिया है।
