Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भोपाल के भेल स्थित दशहरा मैदान में आयोजित विशाल गोपालक सम्मेलन को संबोधित किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से गोपालक और दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े सदस्य शामिल हुए। इस दौरान अमित शाह ने पुलिस की न्याय संहिता आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और डेयरी व सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी कई परियोजनाओं का शुभारंभ एवं लोकार्पण किया। कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने मध्यप्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान को लेकर बड़ा लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2029 के बाद मध्यप्रदेश में नशे की जगह नहीं होगी और इसके लिए बारीकी से प्लानिंग की जा रही है।
31 दिसंबर 2029 की डेडलाइन पर MP को नशामुक्त करने का लक्ष्य
अमित शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए सरकार योजनाबद्ध तरीके से काम करेगी। उन्होंने अधिकारियों से भी इस अभियान में पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करने की अपील की। केंद्र सरकार पहले ही ‘नशामुक्त भारत 2029’ के लिए 2026 से 2029 तक का रोडमैप जारी कर चुकी है। सरकारी विजन डॉक्यूमेंट में नशे के खिलाफ कार्रवाई के लिए चार प्रमुख स्तंभ तय किए गए हैं—इंटेलिजेंस एवं ऑपरेशन आधारित कार्रवाई, प्रीकर्सर और सिंथेटिक ड्रग्स पर नियंत्रण, डिमांड एवं हार्म रिडक्शन तथा क्षमता निर्माण एवं समन्वय। सरकार के अनुसार इस रोडमैप में 25 घटक और 200 से ज्यादा एक्शन पॉइंट्स शामिल हैं। इसके तहत नशे की रोकथाम के साथ उपचार और पुनर्वास की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
शिवपुरी में मजबूत होगा डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर
गोपालक सम्मेलन में अमित शाह ने मध्यप्रदेश के डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने से जुड़ी योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने शिवपुरी में मिनी डेयरी प्लांट को मजबूत करने और पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में काम करने की बात कही। PIB के अनुसार शिवपुरी के मिनी डेयरी प्लांट के ₹6.5 करोड़ की लागत वाले सुदृढ़ीकरण कार्य का डिजिटल लोकार्पण कार्यक्रम में किया गया। वहीं उज्जैन में 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट की आधारशिला रखी गई, जिसकी लागत ₹255 करोड़ बताई गई है। भोपाल में ₹16.5 करोड़ की लागत से 40 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और ₹12.42 करोड़ की लागत से राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का भी उद्घाटन किया गया।
नस्ल सुधार और दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर
अमित शाह ने पशुधन की नस्ल सुधार और दूध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर नस्ल, वैज्ञानिक पशुपालन और डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए पशुपालकों की आय बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने मध्यप्रदेश में दूध उत्पादन को और बढ़ाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार की डेयरी क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं की चर्चा की।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
गोपालक सम्मेलन के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता सरकार के कामों का विरोध करते हैं और वह आज उन्हें हिसाब देने आए हैं। अमित शाह ने देश में दूध उत्पादन के आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछली सरकारों के लंबे कार्यकाल में दूध उत्पादन में जितनी वृद्धि हुई, उसके मुकाबले पिछले वर्षों में तेजी से वृद्धि हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बना हुआ है। केंद्र सरकार ने डेयरी सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया है।
गोपालकों को बोनस और ₹15.10 करोड़ का डिविडेंड
भोपाल के गोपालक सम्मेलन में दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े सदस्यों के लिए भी कई घोषणाएं और लाभ वितरण किए गए। PIB के अनुसार भोपाल और इंदौर मिल्क यूनियन के सदस्यों को बोनस वितरित किया गया, जबकि डेयरी सहकारी समितियों के सदस्यों को कुल ₹15.10 करोड़ का डिविडेंड दिया गया। गौशालाओं को भी वित्तीय सहायता प्रदान की गई। कार्यक्रम में ‘गोपालक दीदियों’ को सम्मानित किया गया और डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना से जुड़े दो स्वीकृति पत्र भी वितरित किए गए।
MP में नशे के खिलाफ अब मिशन मोड
अमित शाह के बयान के बाद मध्यप्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान को लेकर सरकार के सामने 2029 का लक्ष्य स्पष्ट रूप से रखा गया है। केंद्र के राष्ट्रीय रोडमैप में नशे की सप्लाई चेन पर कार्रवाई के साथ-साथ युवाओं में नशे की रोकथाम, उपचार और पुनर्वास को भी प्राथमिकता दी गई है। वहीं मध्यप्रदेश में केंद्रीय मादक द्रव्य ब्यूरो की हालिया कार्रवाई में 4.240 किलो अफीम जब्त कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। एजेंसी के मुताबिक मामले की आगे जांच जारी है।
