Sunday, October 4, 2026
Homeअन्य राज्यभारतीय पायलट पर हमले के आरोपी की पहचान हमाम अल-हमामी के रूप...

भारतीय पायलट पर हमले के आरोपी की पहचान हमाम अल-हमामी के रूप में, कट्टरपंथी कनेक्शन की जांच,विमान को इजराइल में क्रैश कराने की योजना का दावा

Anmol Sandesh News Desk, दुबई

इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला करने के मामले में को-पायलट की पहचान हमाम अल-हमामी के रूप में सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अल-हमामी ओमान का रहने वाला है और उसके कथित कट्टरपंथी विचारों तथा गतिविधियों को लेकर जांच एजेंसियां कई पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि जांच के दौरान उसके अल-कायदा की विचारधारा से प्रभावित होने के संकेत मिले हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि पूछताछ के दौरान उसने विमान को इजराइल में क्रैश कराने की योजना की बात कही। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार है।

सीरिया में रहने के दौरान कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित होने का दावा

अल अरबिया इंग्लिश की रिपोर्ट के मुताबिक, अल-हमामी ने ओमान के बाहर काफी समय बिताया था और वह लंबे समय तक सीरिया में भी रहा था। सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि इसी दौरान उसके कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित होने की बात सामने आई। वहीं, चैनल 12 की रिपोर्ट में दावा किया गया कि जांच के दौरान कुछ धार्मिक लोगों से उसकी मुलाकातों से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। एजेंसियां कथित तौर पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसके विचारों में बदलाव कैसे आया और क्या उसका किसी प्रतिबंधित संगठन या उसके नेटवर्क से कोई संपर्क था।

2024 में ओमान एयर की पायलट ट्रेनिंग से हटाए जाने का दावा

अल-हमामी के पूर्व पेशेवर रिकॉर्ड को लेकर भी कई दावे सामने आए हैं। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया कि ओमान एयर ने 2024 में उसे उड़ान से जुड़ी जिम्मेदारियों से हटा दिया था। वहीं सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, कथित कट्टरपंथी विचारों के कारण उसे पायलट ट्रेनिंग से हटाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, बाद में उसे एयरलाइन में दूसरी भूमिका दिए जाने का भी दावा किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अल-हमामी इससे पहले रॉयल एयर मैरोक के साथ भी काम कर चुका था और घटना से करीब आठ महीने पहले फ्लाईदुबई से जुड़ा था।

सामान से फिलिस्तीन समर्थक सामग्री मिलने का दावा

i24NEWS ने एक अमीराती सूत्र के हवाले से दावा किया है कि अल-हमामी के सामान से ‘फ्री फिलिस्तीन’ समूहों से जुड़ी पर्चियां और अन्य फिलिस्तीन समर्थक सामग्री मिली। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि वह फिलिस्तीनियों के समर्थन और इजराइल के विरोध में बातें करता था। जांच एजेंसियां कथित तौर पर इन सामग्रियों और उसके बयानों की जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका विमान पर हमले से कोई सीधा संबंध था या नहीं।

विमान को इजराइल में क्रैश कराने की योजना का दावा

इस मामले में सबसे गंभीर दावा यह सामने आया है कि पूछताछ के दौरान अल-हमामी ने कथित तौर पर विमान को इजराइल में क्रैश कराने की योजना की बात स्वीकार की। i24NEWS ने जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से यह दावा किया है। एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या कैप्टन मच्छर पर हमला विमान पर नियंत्रण हासिल करने और उसे जानबूझकर इजराइल में गिराने की कथित योजना का हिस्सा था। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक मकसद पर स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

एक मिनट में 33 हजार से 17 हजार फीट नीचे आया विमान

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में उड़ान भरने के करीब ढाई घंटे बाद कॉकपिट में हमला हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, अल-हमामी ने कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला किया। Flightradar24 के आंकड़ों के अनुसार, घटना के दौरान विमान की ऊंचाई करीब एक मिनट में 33 हजार फीट से घटकर 17 हजार फीट तक आ गई। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छर ने हमलावर का सामना किया। इसके बाद क्रू मेंबर्स और यात्रियों ने आरोपी को काबू करने में मदद की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी विमान को संभालने में सहायता की।

सऊदी अरब के तबुक में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग

कॉकपिट में हुई इस घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्लाइट में कुल 174 लोग सवार थे। इनमें बड़ी संख्या इजराइली यात्रियों की थी। इसके अलावा भारत और UAE के नागरिक भी विमान में मौजूद थे। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, विमान में चार अमेरिकी नागरिक भी सवार थे। हमले में कैप्टन स्मित मच्छर गंभीर रूप से घायल हुए। उन्हें बाद में सऊदी अरब से एयरलिफ्ट कर अबू धाबी ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट में ड्यूटी कैसे मिली?

जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि कथित तौर पर पहले पेशेवर स्तर पर चिंताएं सामने आने के बावजूद अल-हमामी को तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई फ्लाइट में को-पायलट की ड्यूटी कैसे मिली। ओमान और इजराइल के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि अल-हमामी की नियुक्ति और फ्लाइट असाइनमेंट की प्रक्रिया क्या थी। सीएनएन के मुताबिक, इजराइल की शिन बेट, मोसाद, सेना और ट्रांसपोर्टेशन मिनिस्ट्री समेत कई एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं। जांच में उसके पूर्व रिकॉर्ड, कथित वैचारिक संपर्क और फ्लाइट क्रू में शामिल होने की प्रक्रिया को देखा जा रहा है।

आरोपी UAE भेजा गया, आतंकवाद से जुड़े पहलुओं की जांच

घटना के बाद अल-हमामी को सऊदी अरब से UAE भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। वहां उसके खिलाफ आतंकवाद से जुड़े संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल जांच एजेंसियां उसके कथित वैचारिक संपर्क, पूर्व पेशेवर रिकॉर्ड, विमान पर हमले के उद्देश्य और कथित क्रैश प्लान से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। इस मामले में सामने आई कई जानकारियां अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों पर आधारित हैं। इसलिए जांच एजेंसियों की आधिकारिक पुष्टि और अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक इन दावों को उसी संदर्भ में देखा जाना जरूरी है।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular