Friday, November 6, 2026
Homeअन्य राज्यदिवाली पर भोपाल में गंदगी का अंबार! सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से...

दिवाली पर भोपाल में गंदगी का अंबार! सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से चरमराई व्यवस्था, 10 संभागों में काम ठप; कचरे से परेशान हुए लोग

Anmol Sandesh News Desk, भोपाल।

Bhopal Safai Karmi Strike: दीपावली जैसे बड़े त्योहार पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित प्रदेशभर में सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। एक ओर जहां लोग अपने घरों और दुकानों को रोशनी और सजावट से संवारने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर शहरों की सड़कों, गलियों और बाजारों में कचरे के ढेर नजर आने लगे हैं। इसकी बड़ी वजह प्रदेश के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की हड़ताल है। कर्मचारियों के काम बंद करने से सफाई, कचरा उठाने और कई अन्य जरूरी नगरीय सेवाओं पर असर पड़ रहा है।

जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के करीब ढाई लाख दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से उनकी सीधे बातचीत कराई जाए। कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे सांसद, विधायक या किसी अन्य जनप्रतिनिधि अथवा मध्यस्थ के माध्यम से बातचीत नहीं करना चाहते। उनका कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्याओं को लेकर आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब वे मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखकर ठोस निर्णय चाहते हैं।

त्योहार के बीच हड़ताल ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। राजधानी भोपाल के कई इलाकों में दो से तीन दिनों से कचरा नहीं उठने की शिकायतें सामने आ रही हैं। बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों में गंदगी बढ़ने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अटल भवन में तालाबंदी और जलापूर्ति रोकने की चेतावनी

दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने के संकेत दिए हैं। कर्मचारियों ने शुक्रवार को अटल भवन में तालाबंदी करने और जलापूर्ति रोकने तक की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती और मुख्यमंत्री से सीधी बातचीत नहीं कराती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और अन्य कर्मचारी सुविधाएं शामिल हैं। उनका आरोप है कि लंबे समय से वे अपनी समस्याएं सरकार के सामने रख रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन देकर मामला टाल दिया जाता है।

अब कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि वे केवल बातचीत नहीं, बल्कि अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई चाहते हैं। ऐसे में यदि सरकार और कर्मचारियों के बीच जल्द सहमति नहीं बनती है तो प्रदेश में नगरीय सेवाओं का संकट और गहरा सकता है।

प्रदेश के 10 संभागों में हड़ताल का असर, 16 नगर निगम और 374 नगरपालिकाएं प्रभावित

कर्मचारियों की इस हड़ताल का असर केवल भोपाल तक सीमित नहीं है। प्रदेश के 10 संभागों, 16 नगर निगमों और 374 नगरपालिकाओं में नगरीय सेवाएं प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।

हड़ताल के कारण कई स्थानों पर निम्नलिखित काम प्रभावित हो रहे हैं:

  • सफाई व्यवस्था: सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर नियमित सफाई नहीं हो पा रही है।
  • कचरा संग्रहण: घरों और दुकानों से निकलने वाला कचरा समय पर नहीं उठाया जा रहा है।
  • जलापूर्ति: पानी से जुड़ी नगरीय सेवाओं पर भी आंदोलन का असर पड़ने की आशंका है।
  • स्ट्रीट लाइट: नगरीय निकायों से जुड़ी रखरखाव और अन्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
  • नालियों की सफाई: सफाई नहीं होने से गंदगी और मच्छरों की समस्या बढ़ने का खतरा है।

इससे प्रदेश के कई शहरों में आम नागरिकों को रोजमर्रा की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

भोपाल में दो-तीन दिन से नहीं उठा कचरा, दिवाली की तैयारियों पर असर

राजधानी भोपाल में भी हड़ताल का असर साफ दिखाई देने लगा है। कई वार्डों में दो से तीन दिनों से कचरा नहीं उठने की शिकायतें सामने आ रही हैं। घरों और दुकानों से निकलने वाला कचरा सड़कों और कचरा संग्रहण स्थलों पर जमा हो रहा है।

दीपावली के अवसर पर बाजारों में खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी और कचरे के ढेर लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं।

स्थानीय रहवासियों और दुकानदारों का कहना है कि त्योहार के समय शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त रहनी चाहिए, लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं। नालियों की सफाई नहीं होने से मच्छरों के पनपने और बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ रही है।

लोगों का सवाल है कि जब त्योहार के समय सफाई व्यवस्था की सबसे ज्यादा जरूरत है, तब नगर निगम की सेवाएं प्रभावित क्यों हैं? वहीं, कर्मचारियों का कहना है कि उनकी समस्याओं का समाधान किए बिना काम पर लौटना मुश्किल है।

प्रशासन की बढ़ी चिंता, वैकल्पिक व्यवस्था से सफाई कराने की कोशिश

त्योहार के दौरान सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से प्रशासन और नगरीय निकायों की चिंता बढ़ गई है। नगर निगम अधिकारियों की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से सफाई कार्य जारी रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।

हालांकि, कर्मचारियों की बड़ी संख्या में अनुपस्थिति के कारण इन प्रयासों से पूरी व्यवस्था को सामान्य बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों में सफाई और कचरा उठाने की व्यवस्था को संभालने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जा रहे हैं।

अब सरकार और कर्मचारियों के बीच बातचीत पर टिकी नजर

दिवाली के त्योहार के बीच प्रदेशभर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने सरकार के सामने दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है। एक तरफ कर्मचारी नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और सुविधाओं की मांग पर अड़े हैं, तो दूसरी तरफ आम जनता को गंदगी और प्रभावित नगरीय सेवाओं का सामना करना पड़ रहा है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कर्मचारियों से सीधे बातचीत कर इस विवाद का समाधान निकालेंगे? क्या दिवाली से पहले सफाई व्यवस्था सामान्य हो पाएगी या प्रदेश के शहरों में कचरे का संकट और बढ़ेगा?

फिलहाल प्रदेशभर के नागरिकों की नजर सरकार के अगले कदम और हड़ताली कर्मचारियों के साथ होने वाली बातचीत पर टिकी हुई है।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular