Thursday, October 22, 2026
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MP सरकार का नया जेट विमान भोपाल पहुंचा, ₹234 करोड़ में खरीदा Bombardier Challenger 3500; जानिए इसकी खासियतें

Anmol Sandesh News Desk | भोपाल

मध्य प्रदेश सरकार के लिए खरीदा गया आधुनिक बिजनेस जेट विमान Bombardier Challenger 3500 भोपाल पहुंच गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, करीब 234 करोड़ रुपये की लागत से खरीदे गए इस विमान का इस्तेमाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अन्य अति विशिष्ट व्यक्तियों (VVIP) की हवाई यात्राओं के लिए किया जाएगा।

बताया गया है कि विमान कनाडा के टोरंटो से बैंकॉक होते हुए भोपाल पहुंचा। हालांकि, इसके नियमित संचालन से पहले जरूरी तकनीकी जांच, कानूनी औपचारिकताओं और विमानन नियामक की मंजूरी से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। अनुमान है कि नियमित उड़ान सेवा शुरू होने में डेढ़ से दो महीने तक का समय लग सकता है। यह समय-सीमा संबंधित प्रक्रियाओं की प्रगति पर निर्भर करेगी।

₹234 करोड़ का विमान, अब नियमित उड़ान की तैयारी

मध्य प्रदेश सरकार का नया जेट विमान अपनी आधुनिक सुविधाओं, लंबी दूरी तक उड़ान भरने की क्षमता और बिजनेस-क्लास केबिन के लिए जाना जाता है। Challenger 3500 को व्यावसायिक और वीवीआईपी यात्राओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

इस विमान के जरिए मुख्यमंत्री और अन्य अधिकृत यात्रियों की यात्राओं को सुविधाजनक बनाने की योजना है। विमान के भोपाल पहुंचने के बाद अब इसका परिचालन शुरू करने के लिए जरूरी औपचारिकताओं पर ध्यान दिया जा रहा है।

हालांकि, विमान की खरीद लागत के अलावा बीमा, रखरखाव, ईंधन, पायलटों के प्रशिक्षण और परिचालन संबंधी खर्च भी सरकारी विमान सेवा की कुल लागत का हिस्सा हो सकते हैं।

Bombardier Challenger 3500 की क्या हैं खासियतें?

Bombardier Challenger 3500 कनाडाई विमान निर्माता कंपनी Bombardier का आधुनिक बिजनेस जेट है। इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • लंबी दूरी की उड़ान: विमान की अधिकतम घोषित रेंज लगभग 6,297 किलोमीटर है। वास्तविक दूरी यात्रियों के भार, मौसम और अन्य परिचालन परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
  • अधिकतम ऊंचाई: विमान लगभग 45,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है।
  • अधिकतम गति: इसकी अधिकतम गति लगभग 882 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जाती है।
  • आधुनिक केबिन: विमान में यात्रियों के आराम को ध्यान में रखते हुए प्रीमियम सीटिंग और आधुनिक केबिन सुविधाएं दी गई हैं।
  • उन्नत तकनीक: कॉकपिट में आधुनिक एवियोनिक्स और उड़ान प्रबंधन प्रणालियां उपलब्ध हैं।
  • लंबी दूरी की वीवीआईपी यात्रा: विमान का डिजाइन व्यावसायिक यात्राओं और विशेष अतिथियों के परिवहन के लिए उपयुक्त है।

इन खूबियों के चलते यह विमान सरकारी यात्राओं के लिए उपयोगी हो सकता है। हालांकि, किसी भी यात्रा की वास्तविक अवधि और संचालन की लागत उड़ान मार्ग, मौसम और अन्य कारकों पर निर्भर करेगी।

कनाडा में प्रशिक्षण लेकर लौटे मध्य प्रदेश के पायलट

नए विमान के संचालन की तैयारी के तहत मध्य प्रदेश के कैप्टन विश्वास राय और कैप्टन अरविंद सिंह के कनाडा में प्रशिक्षण लेने की जानकारी सामने आई है।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, समझौते के तहत विमान निर्माता कंपनी एक साल तक मुख्य पायलट उपलब्ध कराएगी। इस अवधि में प्रदेश के पायलट सहायक भूमिका निभाते हुए विमान के संचालन और तकनीकी प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे।

सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि कैप्टन विश्वास राय और एक अन्य सहयोगी विमान को लेकर भोपाल पहुंचे। हालांकि, चालक दल की भूमिका और प्रशिक्षण व्यवस्था के विवरण की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग से की जानी चाहिए।

₹268 करोड़ का बीमा, सालाना प्रीमियम करीब ₹2 करोड़

विमान की खरीद के साथ उसकी सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन भी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार विमान के लिए करीब 268 करोड़ रुपये का ऑल-रिस्क बीमा कराने की तैयारी में है।

इसके लिए सालाना लगभग दो करोड़ रुपये का प्रीमियम आने का अनुमान बताया गया है। ऑल-रिस्क बीमा का उद्देश्य पॉलिसी में निर्धारित शर्तों और अपवादों के अधीन विमान को विभिन्न प्रकार के जोखिमों से वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना होता है।

यहां ध्यान देने वाली बात है कि बीमा राशि और विमान की खरीद कीमत अलग-अलग होती हैं। बीमा राशि को विमान की खरीद लागत या सरकार के वास्तविक वार्षिक खर्च के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।

DGCA की मंजूरी के बाद शुरू होगा नियमित संचालन

विमान भोपाल पहुंच चुका है, लेकिन इसके पहुंचने और नियमित उड़ान सेवा में शामिल होने के बीच कई जरूरी प्रक्रियाएं होती हैं।

नियमित संचालन से पहले निम्नलिखित पहलुओं पर काम किया जाना है:

  • विमान के दस्तावेजों और पंजीकरण संबंधी औपचारिकताओं की जांच।
  • तकनीकी निरीक्षण और आवश्यक विमानन सुरक्षा प्रक्रियाएं।
  • चालक दल की योग्यता और संचालन संबंधी आवश्यकताओं का सत्यापन।
  • नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) तथा अन्य संबंधित प्राधिकरणों की लागू मंजूरियां।
  • बीमा और परिचालन से जुड़ी शेष औपचारिकताएं।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, DGCA की टीम द्वारा आवश्यक जांच किए जाने की बात कही गई है। सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही विमान नियमित सेवा के लिए उपलब्ध हो सकेगा।

विमान का कॉल साइन क्या बताया गया है?

दी गई जानकारी में मुख्यमंत्री की हवाई यात्राओं के लिए विमान का कॉल साइन C-FLRM बताया गया है। हालांकि, यह विवरण और विमान की वर्तमान पंजीकरण स्थिति संबंधित विमानन रिकॉर्ड से सत्यापित की जानी चाहिए।

विमान के नियमित संचालन के लिए मध्य प्रदेश विमानन विभाग और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संबंधित प्रक्रियाओं का पूरा होना भी जरूरी है।

सरकारी विमान सेवा पर खर्च को लेकर चर्चा

मध्य प्रदेश सरकार का नया जेट विमान आने के बाद सरकारी हवाई यात्राओं की लागत और विमान सेवा पर होने वाले खर्च को लेकर भी चर्चा हो सकती है।

उपलब्ध जानकारी में दावा किया गया है कि सरकार पिछले कई वर्षों में निजी कंपनी को सरकारी विमान सेवा के लिए करीब 270 करोड़ रुपये दे चुकी है। इस आंकड़े का सही अर्थ समझने के लिए यह जानना जरूरी होगा कि इसमें किन वर्षों के भुगतान, किन सेवाओं और किन अनुबंधों को शामिल किया गया है।

नई खरीद का मूल्य, पुराने विमान या चार्टर सेवाओं पर खर्च, बीमा प्रीमियम और भविष्य में होने वाला परिचालन व्यय अलग-अलग मदें हैं। इसलिए कुल सरकारी खर्च का आकलन करने के लिए आधिकारिक बजट, अनुबंध और भुगतान संबंधी विवरणों की तुलना जरूरी है।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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