Anmol Sandesh News Desk, रायपुर।
Chhattisgarh PM Awas Yojana: दीपावली के त्योहार से पहले छत्तीसगढ़ के हजारों गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए खुशियों की बड़ी सौगात आई है। लंबे समय से अपने पक्के मकान का सपना देख रहे 4,670 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत पक्के घर की मंजूरी मिली है। इस फैसले से प्रदेश के 27 जिलों के परिवारों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। अब इन परिवारों का कच्चे मकान और किराये के घर से निकलकर अपने पक्के आशियाने में रहने का सपना साकार होने की दिशा में एक और कदम बढ़ गया है।
राज्य सरकार के मुताबिक, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के अंतर्गत प्रदेश के 84 नगरीय निकायों में इन नए आवासों को स्वीकृति दी गई है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद शहरी परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त सुरक्षित और पक्का आवास उपलब्ध कराना है। दीपावली से ठीक पहले मिली इस मंजूरी को हजारों परिवारों के लिए त्योहार की बड़ी खुशखबरी माना जा रहा है।
27 जिलों के 84 नगरीय निकायों में बनेंगे पक्के मकान
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में आवास निर्माण को गति देने के लिए यह महत्वपूर्ण स्वीकृति दी गई है। इसमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, कोरबा, राजनांदगांव, अंबिकापुर और जगदलपुर सहित प्रदेश के कई प्रमुख शहरों और नगरीय क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
योजना के तहत चयनित 4,670 हितग्राहियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार आवास निर्माण के लिए सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से योजना के प्रावधानों के मुताबिक आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। इससे ऐसे परिवारों को राहत मिलेगी, जो आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अब तक अपना पक्का मकान नहीं बना पाए थे।
आवास निर्माण के लिए निर्धारित मापदंडों का पालन करना अनिवार्य होगा। वहीं, निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए नगरीय निकाय स्तर पर निगरानी की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि योजना का लाभ वास्तविक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और मकानों का निर्माण समय पर पूरा हो सके।
अब तक छत्तीसगढ़ में 76,086 आवासों को मंजूरी
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत मिली इस नई स्वीकृति के बाद छत्तीसगढ़ में स्वीकृत आवासों की कुल संख्या बढ़कर 76,086 हो गई है। यह आंकड़ा प्रदेश में शहरी गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में चल रहे प्रयासों को दर्शाता है।
योजना के माध्यम से उन परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है, जिनके पास अपना पक्का मकान नहीं है और जो निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। पक्का घर मिलने से परिवारों को न केवल सुरक्षित छत मिलेगी, बल्कि बारिश, गर्मी और अन्य मौसम की परेशानियों से भी राहत मिलेगी।
इसके साथ ही स्थायी आवास मिलने से बच्चों की पढ़ाई, परिवार की सुरक्षा और बेहतर जीवन स्तर के लिए अनुकूल माहौल तैयार होगा। सरकार का लक्ष्य पात्र शहरी परिवारों को आवास सुविधा से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री का जताया आभार
इस बड़ी स्वीकृति पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली के शुभ अवसर पर प्रदेश के 27 जिलों के 84 नगरीय निकायों में 4,670 परिवारों को पक्के आवास की स्वीकृति मिलना अत्यंत हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के अंतर्गत मिली इस नई स्वीकृति के साथ छत्तीसगढ़ में अब तक कुल 76,086 आवासों को मंजूरी मिल चुकी है।
सीएम साय ने इसे जरूरतमंद परिवारों के अपने घर के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार हर पात्र परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
डबल इंजन सरकार का हर पात्र परिवार को पक्का घर देने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भरोसा जताया कि राज्य सरकार आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का उद्देश्य केवल मकान उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन की सुविधाएं देना भी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली इस नई स्वीकृति से प्रदेश के शहरी गरीब परिवारों को बड़ी उम्मीद मिली है। जिन परिवारों के लिए अपना घर बनाना अब तक आर्थिक रूप से मुश्किल था, उनके लिए यह मंजूरी नई शुरुआत साबित हो सकती है।
कुल मिलाकर, दीपावली से पहले 4,670 परिवारों को मिली यह सौगात छत्तीसगढ़ में आवास सुविधा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब हितग्राहियों को आवास निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने और अपने सपनों का पक्का घर तैयार होने का इंतजार है।
