Anmol Sandesh News Desk, रायपुर
छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने बुधवार 2 सितंबर को प्रदेश के 22 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी दी गई है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक रहा। मौसम में बदलाव का प्रमुख कारण गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र बताया जा रहा है, जिसके प्रभाव से प्रदेश में नमी का प्रवाह बढ़ा है।
आज कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार को भी छत्तीसगढ़ के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। राजधानी रायपुर में दिनभर बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। ऐसे में राजधानी समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सुहावना रहने के साथ अचानक तेज बारिश भी देखने को मिल सकती है।
बलरामपुर में बारिश ने दिखाया जोर
पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक बारिश बलरामपुर जिले में दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक चांदो में 150 मिमी, रामचंद्रपुर में 120 मिमी, जबकि रामानुजगंज और वाड्रफनगर में 80-80 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बलरामपुर, कुसमी और समरी में करीब 70-70 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है और नदी-नालों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है।
धान की फसल को फायदा, सब्जी उत्पादकों की बढ़ी चिंता
मानसून की सक्रियता का असर खेती पर भी दिखाई दे रहा है। लगातार बारिश से धान की फसल को फायदा मिलने की उम्मीद है। जिन क्षेत्रों में खेतों में पर्याप्त नमी की आवश्यकता थी, वहां बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। हालांकि दूसरी ओर सब्जी उत्पादकों की चिंता बढ़ गई है। लगातार बारिश से खेतों में जलभराव होने पर सब्जियों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। इससे उत्पादन और बाजार में सब्जियों की आवक पर भी असर पड़ सकता है।
दुर्ग में शिवनाथ नदी उफान पर
बारिश का असर दुर्ग क्षेत्र में भी देखने को मिला है। लगातार बारिश के कारण शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़कर उफान की स्थिति में पहुंच गया है। महमरा एनिकट के ऊपर करीब डेढ़ फीट पानी बहने की जानकारी सामने आई है। जलस्तर बढ़ने के बाद जल संसाधन विभाग ने एहतियातन 12 गेट खोल दिए हैं, ताकि जलस्तर को नियंत्रित किया जा सके और बांध/जलाशय पर अतिरिक्त दबाव न बने।
बिजली गिरने को लेकर सावधानी जरूरी
मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली और वज्रपात को लेकर भी चेतावनी जारी की है। ऐसे मौसम में खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे या जलभराव वाले स्थानों पर खड़े होने से बचना जरूरी है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को गरज-चमक शुरू होने पर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी जाती है।
तापमान में भी बदलाव
बारिश और बादलों के प्रभाव से प्रदेश के तापमान में भी बदलाव देखने को मिला है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 31 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रहा। बारिश के कारण कई क्षेत्रों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज होने से लोगों को गर्मी और उमस से कुछ राहत मिली है।
आगे भी जारी रह सकता है बारिश का दौर
गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने निम्न दबाव के प्रभाव और प्रदेश में नमी की उपलब्धता के चलते छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर आगे भी जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने और भारी बारिश अथवा बिजली गिरने की स्थिति में आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।
