Anmol Sandesh News Desk, खैरागढ़
खरीफ सीजन में धान बेचने की तैयारी कर रहे खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े, इसके लिए राज्य शासन ने जिले में 21 नए धान उपार्जन केंद्र खोलने की मंजूरी दी है। यह व्यवस्था खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 और आगामी खरीफ विपणन वर्षों के लिए लागू होगी। नए केंद्र खुलने से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को नजदीक ही धान बेचने की सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे परिवहन खर्च और समय की बचत के साथ खरीदी केंद्रों पर भीड़ का दबाव कम होने की संभावना है।
इन क्षेत्रों में प्रस्तावित नए खरीदी केंद्र
शासन की जारी सूची में जिले के कई क्षेत्रों को नवीन धान उपार्जन केंद्र के रूप में शामिल किया गया है। इनमें मानपुर नाका, ढाबा, सम्बलपुर, भुरभुसी, पथरा, लक्ष्मणपुर, कोरैया, बरबसपुर, कुकुरमुड़ा, साल्हेकला और सहसपुर सहित अन्य स्थान शामिल हैं। नए केंद्रों का उद्देश्य किसानों को उनके गांवों और आसपास के क्षेत्रों के करीब धान बेचने की सुविधा उपलब्ध कराना है। इससे दूर स्थित मौजूदा खरीदी केंद्रों तक उपज पहुंचाने में होने वाली परेशानी कम हो सकती है।
खेत से खरीदी केंद्र तक दूरी होगी कम
ग्रामीण क्षेत्रों में धान उपार्जन केंद्र की दूरी किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहती है। दूर के केंद्र तक धान पहुंचाने में वाहन का किराया, समय और श्रम बढ़ जाता है। कई बार खरीदी केंद्रों पर अधिक भीड़ होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अतिरिक्त इंतजार भी करना पड़ता है। नए केंद्र शुरू होने के बाद जिले के कई किसानों को अपने क्षेत्र के आसपास ही धान बेचने का विकल्प मिलने की उम्मीद है। इससे विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को सुविधा मिलने की संभावना है।
खरीदी केंद्रों पर होंगी जरूरी सुविधाएं
शासन ने नए धान खरीदी केंद्रों में आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। इसके तहत केंद्रों के लिए पर्याप्त और समतल भूमि की व्यवस्था की जाएगी, ताकि धान की आवक और सुरक्षित रख-रखाव में परेशानी न हो। इसके अलावा कंप्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस और जनरेटर जैसी तकनीकी एवं विद्युत सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। बिजली व्यवस्था बाधित होने की स्थिति में खरीदी प्रक्रिया प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है।
बायोमेट्रिक सत्यापन की भी व्यवस्था
धान खरीदी प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संचालित करने के लिए नए केंद्रों पर किसानों के बायोमेट्रिक सत्यापन की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए फिंगरप्रिंट और आइरिस उपकरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इससे किसानों के सत्यापन की प्रक्रिया को तकनीकी आधार पर संचालित करने में मदद मिलेगी।
इंटरनेट, बिजली और पेयजल की सुविधा भी जरूरी
नए उपार्जन केंद्रों में केवल धान रखने की जगह ही नहीं, बल्कि खरीदी प्रक्रिया के लिए आवश्यक अन्य सुविधाएं भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रों पर इंटरनेट कनेक्टिविटी, बिजली, पर्याप्त प्रकाश और पेयजल की व्यवस्था करने को कहा गया है। साथ ही किसानों और धान लेकर आने वाले वाहनों के लिए केंद्र तक पहुंचने वाला मार्ग सुगम रखने के निर्देश दिए गए हैं। इन व्यवस्थाओं के पूरा होने से खरीदी के दौरान किसानों को अनावश्यक परेशानियों से बचाने में मदद मिल सकती है।
किन गांवों की होगी संबद्धता, कलेक्टर करेंगे निर्धारण
नए उपार्जन केंद्रों से किन-किन गांवों को जोड़ा जाएगा, इसका निर्धारण जिला स्तर पर किया जाएगा। शासन के निर्देशों के अनुसार संबंधित केंद्रों से संबद्ध गांवों का निर्धारण कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। इससे किसानों को अपने क्षेत्र के लिए निर्धारित खरीदी केंद्र की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी और धान बेचने के लिए उन्हें उचित स्थान पर पहुंचना आसान होगा।
खरीफ सीजन से पहले तैयारियों पर जोर
धान खरीदी का सीजन शुरू होने से पहले नए केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा। जमीन, भंडारण, तकनीकी उपकरण, बिजली, इंटरनेट, पेयजल और पहुंच मार्ग जैसी व्यवस्थाओं को समय पर तैयार करना होगा। किसानों के लिए नए केंद्र तभी पूरी तरह उपयोगी साबित होंगे, जब खरीदी शुरू होने से पहले सभी जरूरी सुविधाएं जमीनी स्तर पर उपलब्ध हों।
किसानों के लिए क्या बदलेगा?
21 नए धान खरीदी केंद्र खुलने से जिले के किसानों को सबसे बड़ा फायदा दूरी कम होने और स्थानीय स्तर पर उपज बेचने की सुविधा के रूप में मिलने की उम्मीद है। परिवहन पर होने वाला खर्च कम हो सकता है और मौजूदा केंद्रों पर दबाव भी घट सकता है। सरकार की यह पहल यदि निर्धारित सुविधाओं के साथ समय पर लागू होती है तो खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों के लिए धान बेचने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हो सकती है।
