Anmol Sandesh News Desk | इंदौर
विजयदशमी के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर पहुंचे, जहां उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शस्त्र पूजन कर दशहरे का पर्व मनाया। इस दौरान इंदौर जिला पुलिस की ओर से मुख्यमंत्री को सलामी दी गई। कार्यक्रम में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री ने विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हुए धर्म, सत्य, न्याय और राष्ट्र की सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।
विजयदशमी पर CM मोहन यादव ने किया शस्त्र पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयदशमी के अवसर पर विधि-विधान के साथ शस्त्र पूजन किया। इस दौरान वे पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। कार्यक्रम में विधायक गोलू शुक्ला सहित पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
शस्त्र पूजन के दौरान इंदौर जिला पुलिस ने मुख्यमंत्री को सलामी दी। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से मुलाकात की और सभी को विजयदशमी की शुभकामनाएं दीं।
‘अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है विजयदशमी’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयदशमी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पर्व अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। दशहरा हमें सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने तथा बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है।
उन्होंने कहा कि विजयदशमी भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है, जो समाज को साहस, कर्तव्यनिष्ठा और नैतिक मूल्यों की प्रेरणा देता है।
‘शस्त्र पूजन साहस और कर्तव्य का प्रतीक’
मुख्यमंत्री ने शस्त्र पूजन की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक धार्मिक या पारंपरिक आयोजन नहीं है, बल्कि साहस, कर्तव्य और राष्ट्र की रक्षा के संकल्प का प्रतीक भी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शस्त्र पूजन का उद्देश्य राष्ट्र की सुरक्षा, सैन्य सामर्थ्य और आत्मनिर्भरता के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना है। साथ ही, इस परंपरा के माध्यम से नागरिकों में राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति विश्वास को सुदृढ़ करने का संदेश दिया जाता है।
पुलिस अधिकारियों की रही मौजूदगी, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
कार्यक्रम के दौरान इंदौर के पुलिस कमिश्नर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम के लिए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी।
विजयदशमी के अवसर पर आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में धार्मिक परंपरा के साथ राष्ट्र सुरक्षा, कर्तव्य और आत्मनिर्भरता का संदेश भी देखने को मिला। मुख्यमंत्री के संबोधन ने पर्व के सांस्कृतिक महत्व के साथ देश की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी और विश्वास को मजबूत करने पर जोर दिया।
