Anmol Sandesh News Desk, दतिया
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनावी तैयारियों को पूरी ताकत से तेज कर दिया है। पार्टी इस बार सिर्फ दतिया तक सीमित नहीं है, बल्कि दूसरे शहरों में रह रहे दतिया के मतदाताओं तक भी पहुंच बनाने में जुट गई है। भाजपा का लक्ष्य है कि 2023 विधानसभा चुनाव में हुई राजनीतिक चूक इस बार दोहराई न जाए और हर संभावित वोट को अपने पक्ष में किया जाए।

सागर में रह रहे दतिया के वोटर्स पर खास नजर
भाजपा ने सागर में रहने वाले दतिया मूल के छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और परिवारों तक पहुंचने के लिए विशेष संपर्क अभियान शुरू किया है।पार्टी का मानना है कि सागर में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता रहते हैं जिनका वोट दतिया विधानसभा क्षेत्र में दर्ज है। ऐसे में कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है कि वे:
- अपने परिचितों और रिश्तेदारों से संपर्क करें।
- दतिया के मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करें।
- भाजपा के पक्ष में माहौल तैयार करें।
2023 की गलती दोहराना नहीं चाहती BJP
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि पिछली बार कुछ क्षेत्रों में संगठनात्मक कमजोरियों का असर चुनावी परिणामों पर पड़ा था। इसलिए इस बार पार्टी बूथ स्तर से लेकर बाहर रह रहे मतदाताओं तक हर स्तर पर मजबूत नेटवर्क तैयार कर रही है।संगठन का फोकस सिर्फ प्रचार नहीं, बल्कि व्यक्तिगत संपर्क और वोटर मैनेजमेंट पर भी है।
जातीय और सामाजिक समीकरण साधने की तैयारी
भाजपा की रणनीति का दूसरा बड़ा हिस्सा सामाजिक और जातीय समीकरणों को साधना है।
इसके तहत:
- अलग-अलग समाजों के प्रभावशाली नेताओं को जिम्मेदारी दी जा रही है।
- समाजवार टीमों का गठन किया जा रहा है।
- प्रत्येक समुदाय तक सीधे संवाद के जरिए पार्टी का संदेश पहुंचाया जाएगा।
- डोर-टू-डोर अभियान के साथ-साथ जातिगत आधार पर भी अलग रणनीति बनाई जा रही है।
पार्टी का मानना है कि हर वर्ग तक अलग-अलग माध्यम से पहुंच बनाकर चुनावी बढ़त हासिल की जा सकती है।
सागर के वरिष्ठ नेताओं को भी मिली जिम्मेदारी
भाजपा ने सागर संभाग के कई वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्रियों और अनुभवी संगठन पदाधिकारियों को भी दतिया उपचुनाव में सक्रिय जिम्मेदारियां सौंपी हैं।संगठन का मानना है कि इन नेताओं का राजनीतिक अनुभव, स्थानीय नेटवर्क और संगठन पर पकड़ चुनाव प्रचार को और मजबूत करेगी।
कांग्रेस भी तैयारियों में जुटी
दूसरी ओर कांग्रेस भी उपचुनाव को लेकर अपनी रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। दोनों प्रमुख दल संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान और सामाजिक समीकरणों को साधने में जुटे हुए हैं।आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की सक्रियता, जनसभाएं और चुनाव प्रचार तेज होने के साथ दतिया का उपचुनाव मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल हो सकता है।
