Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
मध्य प्रदेश के लोगों के लिए बड़ी राहत और विकास की खबर है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के जरिए प्रदेश को जल्द ही मुंबई की ओर बेहतर और सीधी कनेक्टिविटी मिलने जा रही है। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि व्यापार, उद्योग और कृषि क्षेत्र को भी बड़ा फायदा मिलेगा। इस संबंध में जानकारी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दी है।

6 राज्यों को जोड़ता है देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत का सबसे लंबा एक्सेस-कंट्रोल्ड 8-लेन एक्सप्रेसवे है। इसकी कुल लंबाई करीब 1,350 से 1,386 किलोमीटर है। यह एक्सप्रेसवे छह राज्यों—
- दिल्ली
- हरियाणा
- राजस्थान
- मध्य प्रदेश
- गुजरात
- महाराष्ट्र
—को आपस में जोड़ता है। भविष्य में इसे 12 लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा।

मध्य प्रदेश के इन जिलों को होगा सीधा लाभ
यह एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश के रतलाम, मंदसौर और झाबुआ जिलों से होकर गुजरता है। इसके पूरा होने के बाद प्रदेश के लोगों को मुंबई तक तेज और सुगम सड़क संपर्क मिलेगा।
सबसे अधिक लाभ इन क्षेत्रों को मिलने की उम्मीद है—
- इंदौर
- पीथमपुर
- देवास
- मालवा क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्र
- लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सेक्टर
किसानों और उद्योगों को मिलेगा फायदा
नई कनेक्टिविटी से माल ढुलाई का समय और परिवहन लागत दोनों कम होंगे। इससे—
- किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक तेजी से पहुंचाने में सुविधा होगी।
- मालवा क्षेत्र के उद्योगों की लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी।
- व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
- रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना बढ़ेगी।
क्या है एक्सप्रेसवे की खासियत?
- 8 लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे
- भविष्य में 12 लेन तक विस्तार की सुविधा
- लगभग ₹1 लाख करोड़ से अधिक की लागत
- 100 से 120 किमी प्रति घंटे तक की डिजाइन स्पीड
- आधुनिक स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
- ग्रीन टेक्नोलॉजी और पर्यावरण-अनुकूल निर्माण
- बेहतर सुरक्षा और हाई-स्पीड यात्रा की सुविधा
सफर होगा तेज और सुविधाजनक
इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली से मुंबई के बीच सड़क यात्रा पहले की तुलना में काफी कम समय में पूरी की जा सकेगी। मध्य प्रदेश के यात्रियों, व्यापारियों, उद्योगों और किसानों के लिए यह एक्सप्रेसवे आर्थिक और परिवहन के लिहाज से एक बड़ी सौगात साबित होगा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश के विकास को नई गति देने वाला प्रोजेक्ट माना जा रहा है। बेहतर सड़क संपर्क, तेज परिवहन और कम लॉजिस्टिक्स लागत से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। खासकर इंदौर, पीथमपुर, देवास और मालवा क्षेत्र के उद्योगों व किसानों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

