Anmol Sandesh News Desk, मुंबई
बॉलीवुड के तीन बड़े सितारे शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के निशाने पर आ गए हैं। महाराष्ट्र FDA ने तीनों अभिनेताओं को ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन में उनकी भूमिका को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA का प्रथम दृष्टया आरोप है कि विज्ञापन के जरिए प्रतिबंधित पान मसाला ब्रांड का अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रमोशन किया जा रहा है।
15 दिन में देना होगा जवाब
रिपोर्टों के मुताबिक, FDA ने 11 अगस्त 2026 को तीनों कलाकारों को नोटिस भेजा था। उनसे विज्ञापन में अपनी भूमिका और ब्रांड प्रमोशन को लेकर 15 दिनों के भीतर जवाब और स्पष्टीकरण मांगा गया है।नोटिस में चेतावनी दी गई है कि अगर निर्धारित समय में जवाब नहीं दिया जाता या जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता, तो आगे की कार्रवाई की जा सकती है। कलाकारों को व्यक्तिगत रूप से या अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए सुनवाई का विकल्प भी दिया गया है।
FDA को विज्ञापन पर क्यों आपत्ति?
FDA का कहना है कि विज्ञापन में ‘Vimal Elaichi’ नाम, ब्रांड की प्रस्तुति और विज्ञापन में इस्तेमाल किए गए संवाद इस तरह दिखते हैं कि इससे ‘Vimal’ ब्रांड की पहचान मजबूत होती है। विभाग का दावा है कि ‘Vimal’ नाम पान मसाला से भी जुड़ा है और इसी वजह से यह विज्ञापन प्रतिबंधित पान मसाला के अप्रत्यक्ष प्रचार का मामला बन सकता है।यही रणनीति सरोगेट विज्ञापन (Surrogate Advertising) कहलाती है—जब किसी प्रतिबंधित या सीधे विज्ञापित न किए जा सकने वाले उत्पाद की जगह उसी ब्रांड के दूसरे उत्पाद के जरिए ब्रांड की पहचान और याददाश्त को बढ़ावा दिया जाए।
क्या तीनों पर ₹10 लाख का जुर्माना लगेगा?
यहां एक बात साफ समझना जरूरी है—अभी तीनों पर ₹10 लाख का जुर्माना लगाया नहीं गया है। उन्हें फिलहाल कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है और उनकी भूमिका पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।रिपोर्टों के अनुसार, खाद्य सुरक्षा कानून के तहत भ्रामक विज्ञापन के मामले में अधिकतम ₹10 लाख तक के दंड का प्रावधान लागू हो सकता है। लेकिन क्या वास्तव में कोई जुर्माना लगाया जाएगा, यह जांच, जवाब और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
महाराष्ट्र में पान मसाला-गुटखा पर प्रतिबंध
महाराष्ट्र में तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा तथा पान मसाला पर प्रतिबंध लागू है। मौजूदा प्रतिबंध को 13 जुलाई 2026 से एक साल के लिए बढ़ाया गया है। इसी वजह से राज्य FDA प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री, भंडारण, परिवहन और प्रचार के खिलाफ कार्रवाई तेज कर रहा है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में विभाग ने प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों के नेटवर्क के खिलाफ अभियान भी तेज किया है।
दो महीने में ₹15 करोड़ से ज्यादा का माल जब्त
FDA के अभियान के दौरान 25 मई से 31 जुलाई के बीच बड़ी कार्रवाई की गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक:
- 658 जगहों पर छापेमारी
- करीब ₹15.11 करोड़ का प्रतिबंधित स्टॉक जब्त
- 519 FIR दर्ज
- 701 लोगों की गिरफ्तारी
- प्रतिबंधित माल की ढुलाई में इस्तेमाल 78 वाहन जब्त, जिनकी कीमत करीब ₹6.6 करोड़ बताई गई है।
विभाग ने संगठित गुटखा और तंबाकू नेटवर्क के मामलों में पुलिस के साथ मिलकर MCOCA के तहत कार्रवाई की संभावना पर भी जोर दिया है।
पहले भी विवादों में रहा ‘विमल इलायची’ कैंपेन
‘विमल इलायची’ का विज्ञापन पहले भी कानूनी सवालों के घेरे में रहा है। 2018 में स्वास्थ्य अधिकारियों ने COTPA के तहत कंपनी को नोटिस जारी किया था। बाद में कंपनी की ओर से यह तर्क दिया गया कि वह घरेलू बाजार में ‘विमल’ ब्रांड नाम से तंबाकू उत्पाद नहीं बनाती। जनवरी 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट ने एक मामले में बिना तंबाकू वाले उत्पादों के विज्ञापन से जुड़े ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा था। हालांकि, महाराष्ट्र FDA की मौजूदा कार्रवाई का केंद्र इस बात पर है कि विज्ञापन प्रतिबंधित पान मसाला ब्रांड का अप्रत्यक्ष प्रचार तो नहीं कर रहा।
अब नजर तीनों सितारों के जवाब पर
शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को अब FDA के नोटिस का जवाब देना होगा। फिलहाल किसी अभिनेता को दोषी घोषित नहीं किया गया है और न ही ₹10 लाख का जुर्माना लगाया गया है। आगे की कार्रवाई उनके स्पष्टीकरण और FDA की जांच के आधार पर तय होगी।यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इससे एक बार फिर सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट, सरोगेट विज्ञापन और प्रतिबंधित उत्पादों की ब्रांडिंग पर बहस तेज हो गई है।
