Sunday, August 16, 2026
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Operation Sindoor: पहलगाम हमले के बाद कैसे तैयार हुआ था जवाबी ऑपरेशन? अजीत डोभाल ने डॉक्यूमेंट्री में बताया पूरा प्लान

Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन इलाके में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई। इस हमले के बाद भारत सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का फैसला लिया। इसी जवाबी रणनीति का नाम रखा गया—ऑपरेशन सिंदूर।अब Discovery की नई डॉक्यूमेंट्री में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने पहलगाम हमले के बाद शुरू हुई तैयारियों और ऑपरेशन सिंदूर की रणनीति को लेकर अहम जानकारी साझा की है।

हमले के बाद तुरंत शुरू हुआ खुफिया अभियान

डोभाल के मुताबिक, पहलगाम हमले की जानकारी मिलते ही सरकार की प्राथमिकता यह पता लगाना थी कि हमले की साजिश किसने रची, इसके पीछे कौन लोग थे और आतंकी नेटवर्क कहां तक फैला हुआ था।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस समय सऊदी अरब के दौरे पर थे और हमले के बाद अपना दौरा बीच में छोड़कर भारत लौट आए। दिल्ली पहुंचने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक हुई और हमले के जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के निर्देश दिए गए।इसके बाद सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने संभावित आतंकी ठिकानों, नेटवर्क और हमले से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाने का काम तेज किया।

सिर्फ आतंकियों को निशाना बनाने पर फोकस

डोभाल के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई की योजना बनाते समय इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि ऑपरेशन का निशाना आतंकी ढांचा हो और गैर-सैन्य नुकसान को न्यूनतम रखा जाए।यानी कार्रवाई की तैयारी केवल हमला करने तक सीमित नहीं थी, बल्कि लक्ष्य की पहचान, खुफिया जानकारी और ऑपरेशन की सटीकता पर भी खास जोर दिया गया।

9 आतंकी ठिकाने बने निशाना

रिपोर्ट के मुताबिक, खुफिया जानकारी के आधार पर कुल 9 आतंकी ठिकानों को चिन्हित किया गया था। इनमें 5 ठिकाने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और 4 ठिकाने पाकिस्तान के भीतर बताए गए।भारत की ओर से स्पष्ट किया गया कि कार्रवाई का उद्देश्य आतंकी ढांचे को निशाना बनाना था, न कि आम नागरिकों या सैन्य प्रतिष्ठानों को।

7 मई 2025 को हुआ ऑपरेशन सिंदूर

इसके बाद 7 मई 2025 को भारत ने चिन्हित आतंकी ठिकानों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की। इसी कार्रवाई को ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया।कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव बढ़ गया और दोनों देशों के बीच कई घंटों तक संघर्ष की स्थिति बनी रही। इसके बाद 10 मई को संघर्षविराम की स्थिति बनी।

डोभाल का संदेश—शांति कमजोरी नहीं

डॉक्यूमेंट्री में अजीत डोभाल ने भारत की सुरक्षा नीति को लेकर सख्त संदेश दिया। उनका कहना था कि भारत का शांतिपूर्ण रवैया उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।उनके मुताबिक, देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के मामले में भारत जरूरत पड़ने पर कठिन और निर्णायक फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगा।

पहलगाम से ऑपरेशन सिंदूर तक की कहानी

पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ खुफिया अभियान, आतंकियों और उनके नेटवर्क की पहचान, संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाना और फिर सटीक सैन्य कार्रवाई—इन सभी चरणों ने ऑपरेशन सिंदूर की नींव तैयार की।अजीत डोभाल के ताजा बयानों से यह भी सामने आता है कि कार्रवाई से पहले खुफिया जानकारी और लक्ष्य की पहचान पर कितना जोर दिया गया था।

 

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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