Anmol Sandesh News Desk, फरीदाबाद
हरियाणा के फरीदाबाद में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब पार्टी की दो महिला नेता आपस में भिड़ गईं। दोनों के बीच पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि थप्पड़बाजी शुरू हो गई। मौके पर मौजूद अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, विवाद कांग्रेस की महिला नेताओं पराग शर्मा और गजना लाम्बा के बीच हुआ। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान पीछे हटने को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हुई थी। शुरुआत में मामला सामान्य कहासुनी तक सीमित था, लेकिन कुछ ही देर में बहस ने उग्र रूप ले लिया और दोनों के बीच हाथापाई होने लगी।
पीछे हटने की बात पर शुरू हुई कहासुनी
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक की अगुआई में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार तथा चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा था। प्रदर्शन में कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। इसी दौरान पीछे हटने को लेकर दोनों महिला नेताओं के बीच विवाद शुरू हो गया।
बताया जा रहा है कि एक महिला नेता ने दूसरी को पीछे हटने के लिए कहा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस बढ़ी और मामला थप्पड़बाजी तक पहुंच गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों को अलग कर स्थिति को शांत कराया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। प्रदर्शन के दौरान हुई इस घटना ने कांग्रेस के कार्यक्रम में अनुशासन और आपसी समन्वय को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर विवाद की पूरी वजह या घटनाक्रम के सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती। इसलिए मामले को लेकर सामने आ रही जानकारी को संबंधित पक्षों के बयान और आधिकारिक पुष्टि के साथ देखना जरूरी है।
दोनों महिला नेताओं की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना के बाद पराग शर्मा और गजना लाम्बा की ओर से विवाद को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह भी बताया गया है कि दोनों की ओर से शिकायत दर्ज कराने की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से भी इस घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक टिप्पणी उपलब्ध नहीं है।
