Anmol Sandesh News Desk, ग्वालियर
Gwalior News: मध्य प्रदेश में शिवपुरी जिले के पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हत्या के प्रयास से जुड़े एक मामले में अदालत ने उनके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। बताया जा रहा है कि दिनेश लोधी लंबे समय से अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हुए थे। लगातार अनुपस्थिति और मामले की सुनवाई के दौरान उनकी गैरमौजूदगी को देखते हुए अदालत ने सख्त रुख अपनाया है।
मामले की सुनवाई सेशन न्यायाधीश कपिल सोनी की अदालत में हुई। अदालत ने दिनेश लोधी के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए निर्देश दिया कि आरोपी की गिरफ्तारी होने तक प्रकरण से संबंधित रिकॉर्ड और जब्त सामग्री को सुरक्षित रखा जाए। इस आदेश के बाद पुलिस पर आरोपी की तलाश और गिरफ्तारी को लेकर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी बढ़ गई है।
करीब डेढ़ साल से अदालत में पेश नहीं होने का मामला
प्रकरण से जुड़ी जानकारी के अनुसार, दिनेश लोधी 23 अगस्त 2024 से 16 मार्च 2026 के बीच अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हुए। इस दौरान उनकी ओर से हाजिरी माफी के आवेदन प्रस्तुत किए जाते रहे। लगातार अनुपस्थिति के चलते अदालत ने उनकी जमानत और बंधपत्र निरस्त कर वारंट जारी करने की कार्रवाई की।
अदालत की कार्रवाई का मुख्य आधार आरोपी की लगातार गैरहाजिरी और मामले की न्यायिक प्रक्रिया में उसकी अनुपस्थिति बताई जा रही है। स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद अब आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
पुलिस रिपोर्ट में क्या कहा गया?
मामले में पुलिस छावनी थाने के प्रधान आरक्षक रघुवीर सिंह के बयान और पुलिस रिपोर्ट का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी जानबूझकर पुलिस और अदालत के सामने उपस्थित होने से बच रहा है। पुलिस ने यह भी दावा किया कि वह ज्यादातर समय अपने दोस्तों के साथ बाहर रहता है और अपने गांव फने में कभी-कभार ही आता है।
ये बातें पुलिस की रिपोर्ट में किए गए दावों के रूप में सामने आई हैं। आरोपी का पक्ष या इन आरोपों पर उसकी प्रतिक्रिया उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आई है।
हत्या के प्रयास के मामले में दर्ज है केस
दिनेश लोधी के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप में मामला दर्ज है। इस मामले में अदालत की ओर से पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। लगातार अदालत में उपस्थित नहीं होने के कारण उनकी जमानत और बंधपत्र निरस्त किए जाने की जानकारी दी गई है।
इसके अतिरिक्त, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एट्रोसिटी कोर्ट से भी दिनेश लोधी के खिलाफ पहले स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है। हालांकि, दोनों मामलों की कानूनी स्थिति और वारंट से संबंधित विस्तृत जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
अब आगे क्या होगा?
स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद पुलिस आरोपी को तलाश कर गिरफ्तार करने की कार्रवाई कर सकती है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा और मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।
