Anmol Sandesh News Desk, नई दिल्ली
संसद के मॉनसून सत्र के आखिरी दिनों में FCRA संशोधन विधेयक को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। एक तरफ विपक्ष बिल के मौजूदा प्रारूप पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी ओर सरकार इसके समर्थन में सहमति बनाने की कोशिश करती नजर आ रही है। इसी बीच NCP (SP) की नेता सुप्रिया सुले अपने पार्टी सांसदों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने वाली हैं।
FCRA बिल पर सुप्रिया सुले का साफ रुख
सुप्रिया सुले पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि उनकी पार्टी FCRA बिल के मौजूदा स्वरूप का समर्थन नहीं करेगी। उनका कहना है कि सरकार को या तो विधेयक वापस लेना चाहिए या फिर इसे संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजकर विस्तृत चर्चा और समीक्षा करानी चाहिए।अब पीएम मोदी के साथ उनकी प्रस्तावित मुलाकात को इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि संसद के मॉनसून सत्र के खत्म होने में ज्यादा समय नहीं बचा है।
परिसीमन पर NCP (SP) का क्या रुख?
FCRA के साथ-साथ प्रस्तावित परिसीमन से जुड़े संवैधानिक संशोधन को लेकर भी राजनीतिक बातचीत तेज हो गई है। हालांकि, सुप्रिया सुले ने इस मुद्दे पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं बताया है।उनका कहना है कि विधेयक सामने आने के बाद पार्टी अपने गठबंधन सहयोगियों से चर्चा करेगी और उसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
सरकार के सामने बड़ी चुनौती
संसद का मॉनसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त होने वाला है। ऐसे में सरकार के पास FCRA संशोधन विधेयक पर चर्चा और उसे आगे बढ़ाने के लिए सीमित समय बचा है।खास बात यह है कि सोमवार के लोकसभा एजेंडे में फिलहाल FCRA संशोधन विधेयक का उल्लेख नहीं है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार इसे इसी सत्र में कब सदन के सामने लाती है और क्या इसे पर्याप्त चर्चा का समय मिलेगा?
DMK और NCP (SP) पर सरकार की नजर
FCRA बिल को लेकर DMK और NCP (SP) समेत कुछ विपक्षी दलों की आपत्तियां सामने आई हैं। वहीं, परिसीमन के संभावित प्रस्ताव को देखते हुए सरकार इन दलों के साथ संवाद बढ़ाने की कोशिश कर रही है।अब आने वाले कुछ दिन बेहद अहम माने जा रहे हैं—FCRA बिल पर सहमति बनेगी, JPC का रास्ता खुलेगा या फिर संसद में टकराव और बढ़ेगा? इस पर सभी की नजर है।
