Monday, August 31, 2026
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MP Weather: चित्रकूट में मंदाकिनी का कहर, जलमग्न हुए मंदिर-आश्रम, आज फिर 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

Anmol Sandesh News Desk, भोपाल

मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता अभी थमती नजर नहीं आ रही है। सावन का महीना भले ही बीत गया हो, लेकिन प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर लगातार जारी है। खासकर विंध्य और पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश ने एक बार फिर अपनी रफ्तार बढ़ाई है। सतना, रीवा और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश के बीच चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से हालात बिगड़ चुके हैं। नदी का पानी बढ़ने के कारण कई आश्रम, मंदिर और बाजार क्षेत्र जलमग्न हो गए, जिससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी बीच मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बारिश के साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

इन 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार आज सीधी, रीवा, मऊगंज, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों में करीब 64.5 मिमी से लेकर 115.5 मिमी तक बारिश दर्ज होने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। वहीं तेज हवाएं भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। प्रदेश के अन्य जिलों में भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। कई जगहों पर बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने बढ़ाई चिंता

लगातार बारिश का सबसे बड़ा असर चित्रकूट में देखने को मिला है। बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी का पानी आसपास के इलाकों तक पहुंच गया। कई आश्रमों, मंदिरों और बाजार क्षेत्रों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ। चित्रकूट धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र होने के कारण यहां बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर का असर स्थानीय कारोबार के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही पर भी पड़ता है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों और दुकानदारों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में विशेष सतर्कता बरतनी पड़ रही है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर नदी के जलस्तर तथा निचले इलाकों की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत बनी हुई है।

बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा

मौसम विभाग ने बारिश के साथ वज्रपात यानी आकाशीय बिजली की संभावना को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। गरज-चमक शुरू होने पर लोगों को खुले मैदान, खेत, नदी-तालाब और ऊंचे स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। पेड़ के नीचे खड़े होना भी खतरनाक हो सकता है। बिजली गिरने के दौरान घर के अंदर रहना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है। बारिश के समय बिजली के उपकरणों को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत है। संभव हो तो संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकालकर सुरक्षित रखें।

किसानों के लिए भी अलर्ट

बारिश और आंधी के दौरान किसानों को खेतों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से जब आसमान में तेज गरज-चमक हो रही हो, तब खुले खेत में रहना जोखिम भरा हो सकता है। किसानों को मौसम साफ होने के बाद ही खेतों में काम करने और स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

वाहन चलाते समय बरतें खास सावधानी

तेज बारिश के दौरान सड़क पर दृश्यता कम हो सकती है। ऐसे में वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने और पर्याप्त दूरी बनाए रखने की जरूरत है। बारिश के दौरान यदि किसी नदी, नाले या रपटे का पानी सड़क के ऊपर से बह रहा हो तो उसे पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। पानी का बहाव सामान्य नजर आने पर भी वाहन लेकर पुल या रपटे को पार करना जानलेवा साबित हो सकता है।

तापमान में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं

बारिश के बावजूद प्रदेश के तापमान में फिलहाल कोई बहुत बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है। पिछले 24 घंटे के आंकड़ों में पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। वहीं खजुराहो में अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। अन्य जिलों में तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा नीचे रिकॉर्ड किया गया। बारिश और बादलों के कारण कई इलाकों में गर्मी से राहत जरूर मिल रही है, लेकिन बारिश रुकने के बाद उमस परेशान कर सकती है।

दोपहर में धूप निकली तो भी राहत कम

मौसम का मिजाज ऐसा बना हुआ है कि कुछ इलाकों में बारिश के बीच थोड़ी देर के लिए धूप निकल सकती है, लेकिन बादलों की सक्रियता के कारण मौसम ज्यादा देर स्थिर रहने की संभावना कम है। धूप निकलने के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से उमस महसूस हो सकती है। इसके बाद दोबारा बादल बनने और स्थानीय स्तर पर बारिश होने की स्थिति भी बन सकती है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम पर नजर रखने की जरूरत है। खासकर भारी बारिश वाले जिलों में नदी-नालों, पुल-पुलिया और निचले इलाकों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।

आज का मौसम संदेश साफ हैबारिश से राहत के साथ खतरा भी बरकरार

मध्य प्रदेश में मानसून अभी सक्रिय है और विंध्य से लेकर पूर्वी हिस्सों तक बारिश का असर दिखाई दे रहा है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का बढ़ा जलस्तर और आज 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट लोगों के लिए सतर्क रहने का संकेत है। प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना और मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचना ही सबसे सुरक्षित कदम है।

 

Kanchan Sharma
Kanchan Sharma
कंचन शर्मा वर्तमान में दैनिक समाचार पत्र "अनमोल संदेश" में कार्यरत। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका लंबा अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है।
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