Anmol Sandesh News Desk, भोपाल
राजधानी भोपाल में रहवासी इलाकों में संचालित हो रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को निगम की 6 टीमें शहर के अलग-अलग हिस्सों में मैदान में उतरेंगी। कार्रवाई के दौरान करीब 56 अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहेंगे और जरूरत के अनुसार पुलिस बल भी साथ रहेगा। नगर निगम ने शनिवार को चिन्हित दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर 24 घंटे के भीतर दुकान बंद करने का अंतिम नोटिस चस्पा किया था। नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद अब निगम की टीमें मौके पर पहुंचकर यह जांच करेंगी कि संबंधित प्रतिष्ठान बंद किया गया है या नहीं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
24 घंटे की मोहलत खत्म, अब निगम की बारी
नगर निगम की ओर से संबंधित कारोबारियों को पहले ही समय दिया गया था कि वे रहवासी क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों को बंद कर दें। नोटिस मिलने के बाद गौतम नगर सहित कई इलाकों में कुछ दुकानदारों ने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। जिन प्रतिष्ठानों को बंद कर दिया गया है, वहां भी निगम की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करेगी और आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई के तहत पंचनामा तैयार करेगी। निगम के अनुसार, कार्रवाई के बाद संबंधित स्थान पर दोबारा व्यावसायिक गतिविधि शुरू करने को लेकर नियमानुसार अनुमति की आवश्यकता होगी।
6 टीमों में अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती
नगर निगम ने कार्रवाई को व्यवस्थित तरीके से अंजाम देने के लिए 6 अलग-अलग टीमें तैयार की हैं। प्रत्येक टीम में अलग-अलग विभागों से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी शामिल किए गए हैं। टीम में दल प्रभारी, सहायक दल प्रभारी, जोनल अधिकारी, वार्ड प्रभारी, अतिक्रमण अधिकारी, तकनीकी अधिकारी तथा उपयंत्री/भवन निरीक्षक शामिल रहेंगे। पूरी कार्रवाई संबंधित जोनल अधिकारी की निगरानी में की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की मौजूदगी भी रहेगी।
करीब 62,500 संस्थान कार्रवाई के दायरे में
नगर निगम की कार्रवाई का दायरा काफी बड़ा बताया जा रहा है। निगम के अनुसार रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े करीब 62,500 संस्थान इस अभियान के दायरे में आ सकते हैं। हालांकि इसका यह अर्थ नहीं है कि सभी प्रतिष्ठानों पर एक ही दिन कार्रवाई होगी। निगम की टीमें चिन्हित क्षेत्रों और प्रतिष्ठानों की स्थिति के आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाएंगी।
16 इलाकों में आज रहेगी खास नजर
सोमवार की कार्रवाई के लिए शहर के कई रहवासी इलाकों को चिन्हित किया गया है। निगम की टीमें मुख्य रूप से इन विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में कार्रवाई करेंगी—
- उत्तर विधानसभा
- नरेला विधानसभा
- दक्षिण-पश्चिम विधानसभा
- मध्य विधानसभा
- गोविंदपुरा विधानसभा
- हुजूर विधानसभा
इन विधानसभा क्षेत्रों के विभिन्न रहवासी इलाकों में निगम की टीमें पहुंचेंगी और नोटिस की स्थिति तथा संबंधित प्रतिष्ठानों के संचालन की जांच करेंगी।
पहले भी हो चुकी है सीलिंग कार्रवाई
भोपाल में रहवासी क्षेत्रों के व्यावसायिक इस्तेमाल के खिलाफ निगम की कार्रवाई नई नहीं है। इससे पहले जुलाई के अंतिम सप्ताह में अरेरा कॉलोनी से बावड़िया कलां तक भी कार्रवाई की गई थी। उस दौरान कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील किया गया था। हालांकि कार्रवाई के बाद कुछ स्थानों पर दुकानें दोबारा खुलने की बात भी सामने आई थी। ऐसे में इस बार निगम की टीमों की नजर केवल सीलिंग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कार्रवाई के बाद नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इस पर भी निगरानी रखी जा सकती है।
आखिर क्यों हो रही है यह कार्रवाई?
नगर निगम की कार्रवाई का मुख्य आधार रिहायशी क्षेत्रों में नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों और अवैध निर्माण पर रोक से जुड़ा है। निगम का कहना है कि जिन स्थानों का उपयोग आवासीय उद्देश्य के लिए निर्धारित है, वहां नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित नहीं की जा सकतीं। इसी व्यवस्था के तहत चिन्हित प्रतिष्ठानों को पहले नोटिस दिए गए और कारोबार बंद करने के लिए समय दिया गया। समय सीमा पूरी होने के बाद अब निगम ने कार्रवाई की तैयारी की है।
व्यापारियों में बढ़ी हलचल
निगम की कार्रवाई की खबर के बाद संबंधित क्षेत्रों के व्यापारियों में भी हलचल बढ़ गई है। कई कारोबारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए हैं, जबकि कुछ व्यापारी इस कार्रवाई के खिलाफ अपनी आपत्तियां और दस्तावेज निगम के सामने रखने की तैयारी में हैं। व्यापारियों का तर्क है कि कई प्रतिष्ठान लंबे समय से संचालित हो रहे हैं और उनसे जुड़े परिवारों की आजीविका इन कारोबारों पर निर्भर है। वहीं निगम का कहना है कि कार्रवाई नियमों और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है।
आज क्या होगा?
आज निगम की टीमें चिन्हित क्षेत्रों में पहुंचकर सबसे पहले संबंधित प्रतिष्ठानों की स्थिति देखेंगी। जहां नोटिस के बावजूद गतिविधियां जारी मिलेंगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं जिन दुकानों को पहले ही बंद कर दिया गया है, उनका निरीक्षण कर रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
